Publish Date: Fri, 03 Apr 2015 (17:35 IST)
Updated Date: Fri, 03 Apr 2015 (17:39 IST)
नई दिल्ली। भारत के पहले चेस ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद के सम्मान में चार चांद लगाते हुए उनके नाम पर एक छोटे ग्रह का नामकरण किया गया हैजापान के केन्जो सुजुकी ने 10 अक्टूबर वर्ष 1988 को मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच एक छोटे ग्रह 4538 की खोज की थी लेकिन वह अभी तक बिना किसी नाम का ही था।
बुधवार को अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (आईओए) ने सदस्य माइकल रुदेन्को को इस ग्रह का नामकरण करने की जिम्मेदारी दी जिस पर चेस और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले रुदेन्को ने इस ग्रह का नामकरण ‘विश्यानंद’ के रूप में कर दिया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विश्वनाथन ने कहा कि सबसे पहले जब मुझे यह जानकारी मिली तो लगा कि मुझे अप्रैल फूल बनाया जा रहा है, क्योंकि उस दिन 1 अप्रैल ही था। लेकिन जब दोस्तों की सलाह पर मैंने आईओए की वेबसाइट चेक की तो मैं सच में बिलकुल हैरान रह गया। मेरी पत्नी अरुणा कई बार मजाक करते हुए मुझे किसी दूसरे ग्रह से आया हुआ बताती है और अब यह सच में ही सही साबित हो गया।
इससे पहले चेस के पूर्व विश्व चैंपियन एलेक्जेंडर एलेकीन और एनाटोली कार्पोव भी इस सम्मान के हकदार बन चुके हैं और अब विश्वनाथन भी इस विशेष सूची में शामिल हो गए हैं। (वार्ता)