जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण को लगाएं ये 7 विशेष भोग, मिलेगा शुभाशीष

* जन्माष्टमी के विशेष भोग
 
जन्‍माष्‍टमी के दिन भगवान श्री कृष्‍ण को 56 तरह के व्‍यंजनों से भोग लगाया जाता है। लेकिन आज की भागदौड़भरी जिंदगी में इतने तरह के व्‍यंजन बना पाना मुमकिन नहीं हो पाता। ऐसे में इन खास व्यंजनों से ही आप भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न कर सकते हैं। आइए जानें... यहां खास आपके लिए प्रस्तुत हैं 7 तरह के व्यंजनों की पारंपरिक विधियां। इन व्यंजनों को आप प्रसाद के रूप में भगवान श्री कृष्ण को चढ़ाएं।
 
जन्माष्टमी विशेष : कोकोनट बर्फी
 
सामग्री :
 
250 खोपरा बूरा, 100 ग्राम मावा, 200 ग्राम शक्कर, एक चम्मच घी, 1 चम्मच इलायची पावडर, चांदी का वर्क, 2-3 केसर के लच्छे, मीठा पीला रंग चुटकी भर (कटोरी में पाव चम्मच दूध में घोल लें)। 
 
विधि :
 
मावे को किसनी से कद्दूकस कर लें। फिर कड़ाही में धीमी आंच पर गुलाबी होने तक सेंक लें। मावा ठंडा होने पर खोपरा बूरा मिला दें। 
 
बर्फी बनाना शुरू करने से पहले डेढ़ तार की चाशनी तैयार करें। इस चाशनी में खोपरा बूरा-मावा, मीठा पीला रंग व इलायची पावडर मिला दें तथा मिश्रण को अच्छीतरह मिक्स कर लें। अब इसमें घी मिलाएं तथा पुन: हिलाएं। 
 
अब एक थाली में थोड़ा-सा घी लगाकर उसमें तैयार मिश्रण फैला दें। ठंडा होने पर चौकोर आकार में काट लें। ऊपर से चांदी का वर्क लगाएं एवं केसर बुरका दें। तैयार कोकोनट बर्फी के साथ त्योहार का लुत्फ उठाएं।  
 
******* 
 
जन्माष्टमी का भोग : नारियल के लड्‍डू
 
सामग्री :
 
150 ग्राम सूखे खोपरे का बूरा, 200 ग्राम मिल्‍कमेड, 1 कप गाय के दूध की ताजी मलाई, आधा कप गाय का दूध, इलायची पावडर, 5 छोटे चम्मच मिल्‍क पावडर, कुछेक लच्छे केसर, चांदी का बरक।
 
भरावन की सामग्री : 250 ग्राम मिश्री बारीक पिसी हुई, पाव कटोरी पिस्ता कतरन, 1 चम्मच मिल्‍कमेड, दूध मसाला 1 चम्मच।
 
विधि :
 
सबसे पहले खोपरा बूरा, मिल्कमेड, दूध, मिल्क पावडर और पिसी इलायची को अच्छी तरह मिला लें। तत्पश्चात माइक्रोवेव में 5-7 मिनट तक इसे माइक्रो कर लें। अब भरावन सामग्री को अलग से एक कटोरे में मिक्स कर लें। एक छोटी कटोरी में 4-5 केसर के लच्छे कम पानी में गला दें।
 
अब माइक्रोवेव से निकले मिश्रण को 10-15 तक सूखने दें, फिर उसमें भरावन मसाला सामग्री डालकर मिश्रण को अच्छी तरह मिलाएं और उसके छोटे-छोटे लड्डू बना लें। सभी लड्‍डू तैयार हो जाने पर उनके ऊपर केसर का टीका लगाएं, चांदी के बरक से सजाएं और लाजवाब नारियल-मिश्री के लड्‍डू के लड्‍डू पेश करें। 
 
 
*******
 
जन्माष्टमी के पकवान : मोहन भोग
 
सामग्री : 
 
1 कटोरी मोटा बेसन, आधा कटोरी घी, 4 बड़े चम्मच दूध, पिसी इलायची, सजाने के लिए कसा हुआ नारियल, शक्कर आवश्यकतानुसार, कतरी पिस्ता व बादाम, 10-15 केसर के लच्छे, एवं चांदी का वर्क।
 
विधि :
 
सबसे पहले बेसन में पिघला गर्म घी मिलाकर, दूध से बेसन मसलें। भुरभुरा-सा हो जाएगा। इस बेसन को मोटी छलनी से छान लें। कड़ाही में घी डालकर बादामी होने तक सेंकें। जब सौंधी-सौंधी खुशबू आने लगे तब आंच पर से उतार लें। शक्कर डूब जाए इतना पानी डालकर चाशनी तैयार करें। 2 तार की चाशनी बन जाने पर इसमें केसर के लच्छे घोंटकर डाल दें। तत्पश्चात इसमें सिका हुआ मिश्रण मिलाकर अच्छी तरह घोटें।
 
चिकनाई लगी किनारेदार थाली में जमने के लिए डाल दें। ऊपर से पिसी इलायची, कटे हुए मेवे, नारियल, बुरक दें। बिलकुल ठंडी होने पर तेज चाकू से मनचाहे आकार में बर्फी काट लें। इस स्वादिष्ट मोहन भोग से पर्व का आनंद उठाएं।
 
******* 
 
काजू कतली
 
 
सामग्री : 
      
1 कप काजू (पिसा हुआ), 5-6 बड़े चम्मच शुगर फ्री, 4-5 केसर के लच्छे, पानी आवश्यकतानुसार, आधा चम्मच इलायची पाउडर और चांदी का वर्क।
 
विधि : 
 
सबसे पहले एक कड़ाही में पानी, शुगर फ्री और केसर डालें। पानी में शुगर फ्री पूरी तरह से घुलने तक चलाएं। अब उसमें इलायची पाउडर डालें। मिश्रण गाढ़ा होने पर थोड़ा-थोड़ा करके पिसा काजू डालें, लगातार चलाती रहें ताकि गुठलियां ना पड़ें, अच्छी तरह मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं।
 
अब तैयार मिश्रण को ठंडा करने के लिए रख दें। मिश्रण ठंडा हो जाने पर एक थाली में घी का हाथ घुमाएं और तैयार मिश्रण को पूरी तरह एक जैसा करके फैलाएं। अब ऊपर से चांदी का वर्क लगाएं और अपनी पसंदानुसार चाकू की सहायता से काजू कतली के काट लें। घर पर आसान तरीके से तैयार की गई शुगर फ्री काजू क‍तली का भगवान को भोग लगाकर सर्व करें। 
 
******* 
 
जन्माष्टमी का खास पकवान : मलाई-मिश्री के लड्‍डू 
 
 
सामग्री : 
 
150 ग्राम सूखे खोपरे का बूरा, 200 ग्राम मिल्‍क मेड, एक कप गाय के दूध की फ्रेश मलाई, आधा कप गाय का दूध, इलायची पावडर, 5 छोटे चम्मच मिल्‍क पावडर, कुछेक लच्छे केसर।
 
भरावन मसाला सामग्री : 250 ग्राम मिश्री बारीक पिसी हुई, पाव कटोरी पिस्ता कतरन, 1 चम्मच मिल्‍कमेड, दूध मसाला एक चम्मच।
 
विधि :
पहले खोपरा बूरा, मिल्क मेड, दूध, मिल्क पावडर और पिसी इलायची को अच्छीतरह मिला लें। तत्पश्चात माइक्रोवेव में पांच-सात मिनट तक इसे माइक्रो कर लें।
 
अब भरावन सामग्री को अलग से एक कटोरे में मिक्स कर लें। एक छोटी कटोरी में 4-5 केसर के लच्छे कम पानी में गला दें।
 
अब माइक्रोवेव से निकले मिश्रण को 10-15 तक सूखने दें, फिर उसमें भरावन मसाला सामग्री डालकर मिश्रण को अच्छीतरह मिलाएं और उसके छोटे-छोटे लड्डू बना लें। सभी लड्‍डू तैयार हो जाने पर उनके ऊपर केसर का टीका लगाएं। ऊपर से केसर-पिस्ता से सजाएं और मलाई-मिश्री के लड्‍डू पेश करें। 
 
******* 
ALSO READ: जन्माष्टमी पर 56 भोग बनाने जा रहे हैं तो बनाना न भूलें ये 5 पंजीरियां, पढ़ें आसान विधि
 
श्री कृष्ण का प्रिय भोग : गोकुल पीठा
 
सामग्री : 
 
1 कप ताजा नारियल (कसा), 250 ग्राम मावा, 1/2 कप गुड़, 1/2 टी स्पून इलायची, 2 कप शक्कर, 1 कप मैदा, घी तलने के लिए, सिल्वर वर्क, बादाम कतरन। 
 
विधि : 
 
एक पैन में नारियल, मावा, गुड़ किसा हुआ व इलायची मिलाकर 5 मिनट भूनें। इसके छोटे गोले बनाकर अलग रखें। शक्कर की 1 तार की चाशनी बनाएं। मैदे में पानी मिलाकर गाढ़ा घोल बनाएं। अब नारियल के गोलों को मैदे के घोल में डुबोकर गर्म घी में सुनहरा भूरा होने तक तलें। 
 
फिर इन्हें कुछ देर चाशनी में डुबोकर रखें। रसभरे गोकुल पीठे तैयार हैं। इन्हें चांदी के वरक एवं बादाम की कतरन से सजाकर भगवान को भोग लगाएं।
 
******* 
 
खस्ता मक्खन बड़ा
 
सामग्री : 
 
मैदा 500 ग्राम, चीनी 1 किलो, घी, 1 कप दही, 1 चुटकी मीठा सोडा, इलायची पावडर, पिस्ता, वरक। 
 
विधि : 
 
सबसे पहले मैदा व सोडा छान लें, 200 ग्राम घी गुनगुना करके मैदे में डालें व दही से गूंथ लें, रोटी के आटे जैसा, छोटे-छोटे चपटे गोले बनाएं व ऊपर से चाकू से क्रॉस या हल्का-सा निशान बना दें। गैस पर कड़ाही गर्म करें। घी में मंदी आँच पर सभी बड़ों को सुनहरे होने तक तल लें। 
 
चीनी में 2 कप पानी डालें एवं दो तार की चाशनी बना लें। जब चाशनी थोड़ी ठंडी हो जाए तब मक्खन बड़े डालें व 10 मिनट रखने के बाद छलनी में निकाल लें। ऊपर से वरक एवं पिस्ता से सजाकर सर्व करें।
 
******* 

ALSO READ: janmashtami recipe : जन्माष्टमी पर पंचामृत बनाने की पारंपरिक विधि

वेबदुनिया पर पढ़ें

अगला लेख गोपाल स्तुति : नमो विश्वस्वरूपाय..., इस पवित्र पाठ से प्रसन्न होंगे भगवान श्री कृष्ण