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तालिबान ने बनाया नया मंत्रालय, महिला अधिकारों पर लगेगी पाबंदी

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शनिवार, 18 सितम्बर 2021 (18:34 IST)
काबुल। अफगानिस्तान के नए तालिबान शासकों ने कभी महिला मामलों का मंत्रालय रहे एक भवन से शनिवार को विश्व बैंक के कार्यक्रम के कर्मचारियों को जबरन बाहर कर 'सदाचार प्रचार एवं अवगुण रोकथाम' मंत्रालय स्थापित किया।

काबुल पर कब्जा कर सरकार में आने के महज एक महीने बाद तालिबान द्वारा महिलाओं के अधिकारों पर पाबंदी लगाने वाला यह एक नया कदम है। तालिबान ने 1990 के दशक में अपने शासनकाल के दौरान बालिकाओं और महिलाओं को शिक्षा के अधिकार से वंचित कर दिया था और उनके सार्वजनिक जीवन पर पाबंदी लगा दी थी।

इस बीच, पूर्वी प्रांतीय राजधानी जलालाबाद में शनिवार को तालिबान वाहनों को निशाना बनाकर किए गए विस्फोटों में तीन लोग मारे गए, जबकि 20 अन्य घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने यह जानकारी दी। इस हमले की अभी तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इस्लामिक स्टेट आतंकवादियों का मुख्यालय इस इलाके में है और वे तालिबान के दुश्मन हैं।
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काबुल में महिला मामलों के मंत्रालय के बाहर उस वक्त एक नया घटनाक्रम दिखा, जब यह घोषणा की गई कि यह अब ‘उपदेश और मार्गदर्शन तथा सदगुण प्रचार एवं अवगुण रोकथाम मंत्रालय’ होगा। विश्व बैंक के 10 करोड़ डॉलर के महिला आर्थिक सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास कार्यक्रम को शनिवार को यह कहते हुए जमीनी स्तर पर बंद कर दिया गया कि कार्यक्रम के सदस्य शरीफ अख्तर हटाए जा रहे लोगों में शामिल हैं।

अफगान वूमंस नेटवर्क का नेतृत्व करने वाली मबौबा सुराज ने कहा कि वह महिलाओं और बालिकाओं द्वारा तालिबान सरकार द्वारा जारी आदेशों से हतप्रभ हैं। इस बीच, तालिबान द्वारा संचालित शिक्षा मंत्रालय ने सातवीं से 12वीं कक्षा के लड़कों को अपने पुरुष शिक्षकों के साथ शनिवार से स्कूल आने को कहा, लेकिन इन कक्षाओं में स्कूल आने वाली लड़कियों का कोई जिक्र नहीं किया गया।
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इससे पहले, उच्चतर शिक्षामंत्री ने कहा था कि लड़कियों को समान रूप से शिक्षा हासिल करने का अधिकार दिया जाए। सुराज ने कयास लगाया कि विरोधाभासी बयान शायद तालिबान में विभाजन को प्रदर्शित करता है।महिलाओं के अधिकार एवं शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 2003 में अफगानिस्तान लौटी अफगान-अमेरिकी सुराज ने कहा कि उनके कई साथी कार्यकर्ता देश छोड़ चुके हैं।
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शनिवार को ही पाकिस्तान की राष्ट्रीय एयरलाइन की एक उड़ान 322 यात्रियों के साथ काबुल हवाईअड्डे से रवाना हुई, जबकि 187 यात्रियों के साथ ईरान की एक उड़ान रवाना हुई। हवाईअड्डे के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।(भाषा)

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