Teachers Day Anchoring Script in Hindi: शिक्षक दिवस सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह दिन हमारे जीवन के उन महान व्यक्तित्वों को सम्मान देने का अवसर है, जिन्होंने हमें न सिर्फ किताबों का ज्ञान दिया बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाई। मंच संचालन या एंकरिंग का सबसे बड़ा उद्देश्य यही होता है कि पूरा कार्यक्रम अनुशासित, आकर्षक और भावनात्मक जुड़ाव के साथ आगे बढ़े। अगर आप शिक्षक दिवस पर एंकरिंग की तैयारी कर रहे हैं, तो यह स्क्रिप्ट आपके लिए मददगार होगी। इसमें आपको आधुनिक भाषा, सहज शब्द और भावनात्मक स्पर्श मिलेगा, जिससे आपका संचालन न केवल प्रभावशाली बल्कि यादगार भी बन सकेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत (Welcome Note)
गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु
गुरुर देवो महेश्वरा
गुरुर साक्षात परम ब्रहमा
तस्मै श्री गुरवे नम...
“सुप्रभात / नमस्कार! आज का दिन हम सबके लिए बेहद खास है। क्योंकि आज हम यहां इकट्ठा हुए हैं अपने जीवन के असली मार्गदर्शकों- अपने शिक्षकों का सम्मान करने के लिए। शिक्षक वह दीपक हैं जो स्वयं जलकर हमें अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। आइए सबसे पहले तालियों की गड़गड़ाहट के साथ आज के इस विशेष समारोह का स्वागत करें।”
इसके बाद राष्ट्रीय गान या सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया जा सकता है।
“अब मैं आमंत्रित करता/करती हूं हमारे विद्यालय के सुरभि समूह को कि वे अपनी मधुर आवाज़ में सरस्वती वंदना प्रस्तुत करें।”
शिक्षक दिवस का महत्व बताना
“शिक्षक दिवस का आयोजन हर वर्ष 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर किया जाता है। वे भारत के दूसरे राष्ट्रपति और महान शिक्षक थे। उनका मानना था कि शिक्षक समाज की असली धरोहर हैं। इसलिए उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि शिक्षक सिर्फ पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे हमें इंसानियत, संस्कार और जीवन के असली मूल्य भी सिखाते हैं।”
कविता या भाषण की प्रस्तुति का आह्वान
“अब मैं आमंत्रित करना चाहूंगा/चाहूंगी हमारे विद्यालय के छात्र/छात्रा ________ को, जो अपनी भावनाओं को एक सुंदर कविता के माध्यम से व्यक्त करेंगे। जोरदार तालियों से स्वागत कीजिए।”
मुख्य कार्यक्रम की ओर बढ़ना
“शिक्षक वह हैं जो हमारे जीवन की दिशा तय करते हैं। वे हमें यह सिखाते हैं कि सफलता केवल किताबों से नहीं आती, बल्कि सही सोच और कड़ी मेहनत से मिलती है। आज के इस अवसर पर हम अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए कई सांस्कृतिक कार्यक्रम लेकर आए हैं। आइए, सबसे पहले नृत्य/नाटक/गीत प्रस्तुति का आनंद लेते हैं।”
शिक्षकों का सम्मान
“अब बारी है उन महान हस्तियों का सम्मान करने की, जिनके कारण आज हम इस मुकाम तक पहुंचे हैं। मैं हमारे विद्यालय के आदरणीय शिक्षकों को मंच पर आमंत्रित करता/करती हूं। कृपया तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत करें। आइए, हम सब मिलकर उनका सम्मान करें और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करें।”
भावनात्मक स्पर्श
“कभी सोचा है कि अगर शिक्षक न होते तो हम किस दिशा में होते? हमारे जीवन का रास्ता कैसा होता? शिक्षक ही हैं जिन्होंने हमें गिरकर उठना सिखाया, गलतियों से सीखना सिखाया और सपनों को उड़ान देना सिखाया। सच कहा गया है- गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय। बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय। यानी गुरु के बिना जीवन अधूरा है।”
मुख्य अतिथि का स्वागत
“आज हमारे बीच मुख्य अतिथि के रूप में पधारे हैं ________ जी। हम बेहद आभारी हैं कि उन्होंने अपने व्यस्त समय से वक्त निकालकर हमें आशीर्वाद देने के लिए इस कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराई। अब मैं निवेदन करता/करती हूं कि वे मंच पर आएं और अपने आशीर्वचन से हमें प्रेरित करें।”
समापन
“आज का यह दिन हम सबके लिए यादगार रहेगा। शिक्षक दिवस सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि यह हमें बार-बार याद दिलाता है कि हमारे जीवन की नींव हमारे शिक्षक हैं। अंत में मैं यही कहना चाहूंगा/चाहूंगी कि चलिए हम सब यह प्रण लें कि अपने शिक्षकों के आदर्शों और उनकी शिक्षा को जीवन में उतारें और उनके सपनों को साकार करें।
आप सभी का धन्यवाद और हमारे शिक्षकों को कोटि-कोटि प्रणाम।”