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घर-घर की एकता

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हमें फॉलो करें घर एकता कपूर जितेंद्र
छोटी उम्र में कामयाबी का ऊंचा शिखर छूने वाली एकता कपूर आज एक 'कल्ट फिगर' (युग प्रवर्तक) की छवि अख्तियार कर चुकी हैं। गुजरे जमाने की मशहूर फिल्मी हस्ती जितेंद्र की यह होनहार बेटी एक ऐसी युवती की पहचान के साथ जोड़कर देखी जाती है, जिसने मनोरंजन जगत में महिला उद्यमियों को जोशो-खरोश से अपनी प्रतिभा दर्शाने हेतु प्रेरित किया है।

बालाजी टेलीफिल्म्स के बैनर तले एकता ने टेलीविजन जगत की सॉफ्टवेयर (कार्यक्रम निर्माण) क्रांति को अंजाम दिया है। एकता की कंपनी द्वारा निर्मित टीवी धारावाहिकों की कितनी भी आलोचना की जाए, यह एक निर्विवाद सचाई है कि लोकप्रियता के तमाम कीर्तिमान इन धारावाहिकों ने तोड़े हैं। स्टार प्लस के लिए एकता के सीरियल वरदान सिद्ध हुए।

विशेषकर धारावाहिक 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की सफलता ने एक प्रकार से टेलीविजन उद्योग को ही उलट-पलटकर रख दिया। इसके पहले 'हम लोग', 'बुनियाद', 'खानदान' जैसे महाधारावाहिकों की कामयाबी छोटे परदे को रोशन करती रही थी। एकता ने अपने धारावाहिकों में फैशन और प्रासंगिक पृष्ठभूमि का समावेश कर उन्हें नई धारा की तरफ मोड़ा।

यह एकता के दिमाग की ही उपज थी कि टीवी धारावाहिकों में फिल्मी मिजाज के भव्य सेट इस्तेमाल किए। छोटे परदे के आकर्षण को एकता के धारावाहिकों ने नया आयाम दिया।

अपने पिता जितेंद्र और मां शोभा के अलावा एकता ने सफलता का सारा श्रेय भगवान गणेश को दिया है। एकता के पर्स से उनके घर की अलमारियों तक भगवान गणेश की भिन्न आकार वाली मूर्तियां नजर आ सकती हैं। अपने सीरियलों के कलाकारों के साथ एकता का खट्टा-मीठा रवैया रहा है।

जहां कई कलाकार उनके पेशेवर रवैए की तारीफ करते नजर आए, वहीं 'क्योंकि सास भी...' के लोकप्रिय पात्र मिहिर (अमर उपाध्याय) ने व्यावसायिक वजहों के चलते बालाजी फिल्म्स से रिश्ता तोड़ लिया। 'क्योंकि सास...' की केंद्रीय पात्र तुलसी उर्फ स्मृति ईरानी जब पहली बार एकता से मिलने पहुंची तो उन्होंने जीन्स और टॉप जैसी पाश्चात्य पोशाक पहनी थी।

एकता ने पलक झपकते ही अपने सीरियल की हिन्दुस्तानी नारी तुलसी की तारिका को चुन लिया। यह एकता की पैनी नजर का ही कमाल था कि उनके द्वारा द्वारा चयनित ज्यादातर टीवी कलाकार लोकप्रिय हुए। स्मृति ईरानी, साक्षी तंवर, संगीता घोष, रोनित राय, सेजात खान जैसे सितारे एकता के धारावाहिकों से चर्चित हुए।

एकता के घरेलू बैनर बालाजी टेलीफिल्म्स के बारे में कहा जाता है कि इसने सर्वाधिक आयकर भरने वाले प्रतिष्ठानों में अपना नाम दर्ज कराया है। इसके अलावा एकता अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए भी चर्चित हुईं। उनके तमाम धारावाहिकों के शीर्षक की शुरुआत 'क' अक्षर से होती है। एकता के लिए यह भाग्यशाली भी साबित हुआ।

अंक ज्योतिष के लिहाज से एकता अपनी मार्गदर्शिका सुनीता मेनन की सलाह का पालन करती हैं। सुनीता की सलाह पर ही एकता ने अपने सीरियल कुसुम के शीर्षक में दो 'के' अक्षर इस्तेमाल किए। पिछले दिनों एकता एक विवाद में घिरीं, जब अपने एक सीरियल की सफलता को सेलीब्रेट करने के लिए उन्होंने मुंबई में एक पार्टी आयोजित की। इस पार्टी में आगंतुकों को छोटे कपड़े पहनकर आने का निर्देश दिया गया था।

इस अनावश्यक विवाद के परे एकता की शख्सियत एक घरेलू युवती की है, जिसने व्यवसाय का ककहरा पुरुषों को सिखाया है। अपने भाई तुषार कपूर के लिए एकता ने कामयाब फिल्म 'क्या कूल हैं हम' का निर्माण किया।

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