Television Articles %e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b6 %e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%b2 108112000044_1.htm

Dharma Sangrah

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

शाबाश राहुल...

Advertiesment
हमें फॉलो करें राहुल महाजन
-अनहद

जिस धज से कोई मक़तल में गया वो शान सलामत रहती है
ये जान तो आनी-जानी है, इस जान की कोई बात नहीं

PR
जिस आन-बान और शान से राहुल महाजन गेम शो बिग बॉस से बाहर हुए हैं, उनके लिए इससे बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता था। पहली बार उन्होंने अपने चरित्र की दृढ़ता दिखाई और ऐसी दिखाई कि सारे गुनाह धो डाले। रईस आदमी में निरअहंकारिता तो होनी चाहिए मगर दीनता नहीं। दीनता यानी भिखारीपन तो ग़रीब आदमी में भी अच्छा नहीं लगता फिर राहुल महाजन के पास किसी चीज़ की कमी नहीं है। रईस आदमी में एक तरह की आसूदगी (संतुष्टी), एक क़िस्म का ठहराव होना चाहिए। पूरे देश ने देखा कि घर में खाने-पीने की अच्छी चीज़ों की माँग करते हुए बिग बॉस के घर से सभी ने फरार होने की कोशिश की।

ऐसी कोशिशें-शरारतें राहुल को शोभा देती हैं, क्योंकि किसी गेम शो को जीतने के लिए राहुल एक दिन भी रूखा-सूखा खाना क्यों खाएँ? राजा, ज़ुल्फ़ी और आशुतोष को जीतने होंगे एक करोड़, राहुल को नहीं जीतने। राहुल को इस गेम शो से जिंदगी के जितने अनुभव मिल सकते थे उन्होंने ले लिए। लड़कियों से दोस्ती भी कर ली। उन्हें फिल्मों और टीवी में काम भी नहीं चाहिए और पैसा भी। लिहाज़ा वो बिग बॉस की तानाशाही क्यों सहें?

अगर राहुल महाजन इस गेम शो में टिके रहते तो ग़लत होता। लोग समझते कि ये आदमी पैसे के लिए ग़रीबों का हक़ मार रहा है या पब्लिसिटी का भूखा है। राहुल ने उस शाम की ग़लती के लिए माफ़ी माँगने और अफ़सोस जताने से इंकार कर दिया। यहाँ तक तो ठीक ही है, पर सबका गुनाह अपने सिर लेकर बिग बॉस का घर छोड़ दिया, ये बेहतर हुआ। अब इस गेम शो को कोई भी जीते, असल विजेता राहुल महाजन ही रहेंगे। अगर प्रमोद महाजन जिंदा होते तो पहली बार उन्हें अपने बेटे पर गर्व होता। राहुल महाजन बेशक लंपट हैं। लड़कियों के मामले में बेहद कमज़ोर हैं मगर यह तोहमत अब उन पर फब रही है। रईस का बेटा ऐसा नहीं होगा तो कैसा होगा?

राहुल महाजन के जाने पर आशुतोष जैसा रोया, उससे महसूस होता है कि डायना हेडन से उसे लगाव था, जबकि मोहब्बत राहुल से थी। राजा की आँखों में भी सच्चे आँसू थे। ये दिल बड़ा अजीब है। इसमें ऐसे-ऐसे अजूबे छुपे होते हैं कि अ़क़्ल हमेशा इससे हैरान रहती है। राहुल से दिन-रात लड़ने-झगड़ने वाले, उसके ख़िलाफ़ हमेशा साज़िश रचने वाले राजा और आशुतोष उसके जाने पर सबसे ज़्यादा उदास थे। बिग बॉस के घर की रौनक़ जा चुकी है। यह तय हो गया है कि इस घर का सबसे बड़ा खिलाड़ी राहुल था। बक़ाया खिलाड़ी उसके सामने दीन-हीन साबित हो गए हैं। जिस शान से, जिस शहीदाना तेवर से, जिस बेफ़िक्री और बिंदासपन से राहुल महाजन रवाना हुए, उससे ये शो यादगार हो गया। पता नहीं अब हम लोग राहुल महाजन को कभी ऐसे देख पाएँगे या नहीं पर राहुल याद बहुत आएगा।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi