Television Articles %e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf %e0%a4%af%e0%a4%be %e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%b8%e0%a5%80 107062800072_1.htm

Biodata Maker

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

स्मृति या तुलसी

Advertiesment
हमें फॉलो करें स्मृति ईरानी
PRPRESS RELEASE
जीवन में कुछ कमाने की ख्वाहिश लिए स्मृति ईरानी दिल्ली से मुंबई आई थी। उसने कभी सोचा भी नहीं था कि वह एक दिन घर-घर में पहचानी जाएँगी। उसे लोग स्मृति के रूप में कम और किसी दूसरे की शख्सियत के रूप में ज्यादा जानेंगे।

एकता कपूर उन दिनों ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के मुख्य पात्र तुलसी के लिए कलाकार की तलाश में थी। उसकी नजर स्मृति पर पड़ी और उसे ऑडिशन के लिए बुलावा आ गया। एकता ने स्मृति को चुन लिया। हालां‍कि एकता के निर्णय से यूनिट के दूसरे लोग खुश नहीं थे।

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने ‍टीवी जगत में क्या धूम मचाई ये सबको पता है। स्मृति ने अब ये धारावाहिक छोड़ दिया है लेकिन तुलसी से वह ताउम्र पीछा नहीं छुड़ा सकती है।

आखिर तुलसी में ऐसा क्या था जो वह इतनी लोकप्रिय हुई? स्मृति का मानना है कि तुलसी ईमानदार, साधारण और बहुत मजबूत महिला हैं। अपने परिवार की एकता की खातिर वह सारी मुसीबतों से लड़ने का हौंसला रखती हैं। शायद इसीलिए वह लोगों के दिल में बस गई हैं।

ऐसा नहीं है कि तुलसी की हमेशा प्रशंसा ही होती रहीं। उसके‍ खिलाफ खूब लिखा और बोला गया। स्मृति का मानना है कि तुलसी बहुत ही मॉडर्न खयालातों वाली महिला हैं। किसी भी महिला की आधुनिकता सिर्फ उसके कपड़ों से नहीं आंकी जानी चाहिए। तुलसी भले ही जींस नहीं पहनती हों लेकिन आधुनिक विचारों के मामले में वह किसी से कम नहीं हैं।

तुलसी की इमेज से बाहर निकलना स्मृति के लिए मुश्किल है। वह जहाँ भी जाती हैं लोग उसे तुलसी के रूप में पहले पहचानते हैं, स्मृति के रूप में बाद में। स्मृति को इस पर कोई आपत्ति नहीं है, आखिर तुलसी ने ही तो उसे पहचान दी है।

स्मृति इन दिनों ‘विरूद्ध’ धारावाहिक में काम कर रही हैं। यह धारावाहिक भी बेहद पसंद किया जा रहा है।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi