वफ़ा, इख़लास, रस्म-ओ-राह, हमदर्दी, रवादारी
ये जितनी भी हैं सब ऎ दोस्त,अफ़सानों की बातें हैं -------अदम
वफ़ा-----नमक हलाली, सच्चाई, दोस्ती
हमदर्दी----एक दूसरे के दुख- दर्द में काम आना
इख़लास----सच्चे दिल से दोस्ती निभाना
रवादारी----एक दूसरे का आदर, शिष्टाचार
रस्म-ओ-राह------- तौर-तरीक़े