Publish Date: Sun, 12 Feb 2017 (16:19 IST)
Updated Date: Sun, 12 Feb 2017 (16:22 IST)
सीतापुर। बसपा अध्यक्ष मायावती ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में सपा के शासनकाल में आपराधिक घटनाओं में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई, सूबे में बसपा की सरकार बनी तो गुंडे जेल में होंगे।
मायावती ने रविवार को यहां जीआईसी मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में बसपा सरकार बनाने में यदि सफल हो जाती है तो कानून का राज होगा और विकास कार्य पटरी पर दौड़ेंगे। गुंडे जेल में होंगे और लडकियां बेखौफ आ-जा सकेंगी। अखिलेश सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का नोटबंदी का फैसला बिना तैयारी किए एक अदूरदर्शी फैसला था जिससे देश का गरीब, किसान और मजदूर आज भी बेहाल है। इस फैसले से जहां गरीबों की रोजी छिन गई वहीं किसान अपने खेतों की बुआई नहीं कर पाए। राजनीतिक स्वार्थ के लिए भाजपा ने देश में कालाधन पर अंकुश लगाने की आड में गरीब जनता को लाइन में खड़ा कर उससे रोजी रोटी छीन ली। आज भी देश की 90 प्रतिशत जनता परेशान है।
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी के फैसले के दस माह पहले ही धन्ना सेठों का कालाधन ठिकाने लगवा दिया था। वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने देश की जनता से सौ दिनों में कालाधन वापस लाकर गरीबों के खाते में 15 से 20 लाख रुपए डालने का वायदा किया था लेकिन आज तक एक भी रुपया किसी खाते में नहीं आया है।
मायावती ने कहा कि गठबंधन के कारण अल्पसंख्यक सपा-कांग्रेस की ओर नहीं बढ़ेगा। अल्पसंख्यक समय पर न चेते तो उन्हें फिर से नुकसान उठाना पड़ेगा। नरेन्द्र मोदी की सरकार अल्पसंख्यकों को शक की नजर से देख रही है। देश में उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। सपा ने उनके द्वारा शुरू की गई तमाम योजनाओं को नए सिरे से शुरू किया है। पेंशन योजना का नाम बदल दिया, जबकि मेट्रो रेल की योजना उनके कार्यकाल की थी।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार के पांच साल तथा केन्द्र की मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश का नुकसान हुआ है। प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं। इसको लेकर प्रदेश की 22 करोड जनता में जबरदस्त नाराजगी है।
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार की असफलता छुपाने के लिए सपा परिवार में ड्रामा रचा गया। सपा के शासनकाल में आपराधिक घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई। मथुरा, दादरी और बुलंदशहर जैसे कांड हुए। मथुरा में तो सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर पुलिस अधिकारी तक की जान चली गई। गरीब, मजलूम और अल्पसंख्यक वर्ग तो बहुत परेशान हुए। दंगे-फसाद से अल्पसंख्यकों को क्षति पहुंचाई गई। सपा में पारिवारिक कलह के बाद अब अल्पसंख्यकों का मोह इस पार्टी से भंग हो गया है।
उन्होंने कहा कि बसपा सरकार बनने पर दलितों और पिछड़ों का आरक्षण बरकरार रहेगा और साथ ही गरीबों को आर्थिक आधार पर भी आरक्षण दिया जायेगा। गरीब किसानों का एक लाख रुपये का कर्ज बसपा सरकार माफ करेगी। सूबे में सत्तारूढ समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार द्वारा बदले की भावना से काम किया गया। अल्पसंख्यकों और दलितों को झूठे केसों में जेल भेजा गया। बसपा की सरकार बनने पर ऐसे लोगों के मामलों की समीक्षा की जाएगी और निर्दोषों को रिहा किया जाएगा। सपा शासन के दौरान प्रदेश में 500 से अधिक छोटे-बड़े दंगे हुए।
मायावती ने सपा परिवार की कलह की चर्चा करते हुए कहा कि पुत्र मोह में मुलायम सिंह ने अपने भाई शिवपाल यादव को अपमानित किया है। समाजवादी पार्टी दो भागों में बंट गई है। सपा नेता शिवपाल यादव अखिलेश के विरुद्ध ताल ठोंक चुके हैं। (भाषा)