Publish Date: Fri, 27 Jan 2017 (09:03 IST)
Updated Date: Fri, 27 Jan 2017 (09:16 IST)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर जहां गठबंधन व विलय का दौर जारी है। गुरुवार शाम कौमी एकता दल का विलय बहुजन समाज पार्टी में हो गया। इसकी घोषणा बसपा सुप्रीमो मायावती ने की।
विलय होते ही मायावती ने मुख्तार अंसारी को मऊ सदर सीट से प्रत्याशी बनाया है और मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी और भाई सिग्बतुल्ला अंसारी को भी पार्टी ने टिकट दिया है।
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा की बहुजन समाज पार्टी ने नारा दिया था की 'चढ़ गुंडों की छाती पर मोहर लगाओ हाथी पर' का नारा बदल दिया है और क्या बहुजन समाज पार्टी में अब गुंडों को भी जगह दी जाएगी?
सवाल के जवाब देते हुए मायावती ने साफ-साफ कह दिया कि मुख्तार अंसारी पर दर्ज ज्यादातर मुकदमे द्वेश दर्ज हैं और कृष्णानन्द राय हत्याकांड में शामिल होने का आज तक कोई साक्ष्य नहीं मिला है।
मायावती ने कहा कि अपनी सरकार के दौरान मैंने शातिर अपराधियों की बुरी संगत में पड़े लोगों को भी सुधारने का पूरा प्रयास किया। यह भी ध्यान रखा कि किसी भी समाज या किसी भी धर्म के प्रभावशाली व्यक्ति के उसके किसी विरोधी द्वारा जबरदस्ती गंभीर आरोप लगाकर जेल भिजवा दिया है,तो उन्हें इंसाफ दिलाने की मेरी सरकार ने पूरी कोशिश की है।
मायावती ने कहा कि अतीक अहमद, बृजभूषण शरण सिंह, धनंजय सिंह, रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, डीपी यादव आदि कभी बसपा ने शामिल नहीं किए जा सकते हैं। आपराधिक छवि वाले किसी भी शख्स को तब तक शामिल नहीं किया जाएगा। जब तक ये सार्वजनिक तौर पर अपना काम बंद नहीं करेंगे।