Publish Date: Fri, 24 Feb 2017 (18:20 IST)
Updated Date: Fri, 24 Feb 2017 (18:24 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलने का दावा करते हुए राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने शुक्रवार को कहा कि सरकार बनाने की चाबी उनके पास ही रहेगी और वे किसी भी कीमत पर सूबे में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने नहीं देंगे।
रालोद के महासचिव त्रिलोक त्यागी और एवं पूर्व मंत्री चौधरी साहब सिंह ने यहां कहा कि राज्य विधानसभा के चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा, ऐसे में रालोद की मदद के बगैर सरकार नहीं बनेगी। रालोद धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने के लिए किसी भी कीमत पर भाजपा की सरकार नहीं बनने देगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भाषण से ही जनता का पेट भरने में माहिर हैं। उन्होंने दोनों दलों की सरकारों को किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि मोदी अपने भाषण में कहते हैं
कि उत्तरप्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के 24 घंटे के भीतर किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा।
त्यागी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उद्योगपतियों का हजारों करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर दिया, मगर प्राकृतिक आपदा के शिकार गरीब किसानों का कर्ज माफ करने की उन्होंने जहमत नहीं उठाई। चुनावी जनसभाओं में कर्ज माफी वाला उनका बयान किसानों को गुमराह करने वाला है।
त्यागी ने कहा कि मोदी को उत्तरप्रदेश में सरकार के बनने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। वे अपनी किसी भी चुनावी सभा में किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा कर सकते हैं लेकिन वे किसानों को गुमराह कर प्रदेश में सरकार बनाने के बाद उनके कर्जमाफी का झूठा वादा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर किसान के कर्ज माफी की ही बात है तो पहले भाजपा शासित राज्यों के किसानों का कर्ज माफ करते लेकिन ऐसा उनकी पार्टी की किसी राज्य सरकार ने नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी की सरकार बने करीब 3 साल होने को है लेकिन अभी तक किसानों से किया गया कोई भी वादा पूरा नहीं किया। प्रदेश की जनता अब भाजपा के बहकावे में आने वाली नहीं है।
रालोद नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री उद्योगपतियों का हजारों करोड़ों का कर्ज माफ कर सकते हैं, ठीक है, करें लेकिन उन्हें किसानों का भी कर्ज माफ करना चाहिए था। कर्जमाफी वाला उनका बयान केवल किसानों को गुमराह करने वाला है।
त्यागी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह पश्चिमी उत्तरप्रदेश में साम्प्रदायिक दंगा कराकर चुनावी लाभ लेना चाहती थी लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। उन्होंने प्रधानमंत्री पर पद की गरिमा के अनुरूप भाषण नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे कब्रिस्तान और श्मशान घाट पर राजनीति कर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।
महाराष्ट्र में निकायों के चुनाव में भाजपा की जीत के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के चुनाव में इसका कोई प्रभाव पड़ने वाला नहीं है। (वार्ता)