Publish Date: Sat, 04 Mar 2017 (07:21 IST)
Updated Date: Sat, 04 Mar 2017 (21:20 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के छठे चरण में पूर्वाचल के सात जिलों की 49 सीटों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से 57.03 फीसद वोट पड़े। इसके साथ ही 635 उम्मीदवारों का चुनावी भाग्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में बंद हो गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी. वेंकटेश ने यहां बताया कि छठे चरण में नेपाल से सटे महराजगंज और कुशीनगर के साथ-साथ गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ तथा बलिया जिलों में आमतौर पर शांतिपूर्ण माहौल में 57. 03 प्रतिशत मतदान हुआ। वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में छठे चरण में 55.04 प्रतिशत वोट पड़े थे।
मतदान सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 5 बजे तक चला। इसके साथ ही प्रदेश सरकार के मंत्री रामगोविन्द चौधरी (बांसडीह), बसपा छोड़कर भाजपा में आये स्वामी प्रसाद मौर्य (पडरौना), भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही (देवरिया), पूर्व मुख्यमंत्री राम नरेश यादव के बेटे श्यामबहादुर यादव (फूलपुर पवई), सपा छोड़कर बसपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी (फेफना), नारद राय (बलिया सदर), बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी (मउ) तथा उनके बेटे अब्बास अंसारी :घोसी: समेत कुल 635 प्रत्याशियों का चुनावी भाग्य इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में बंद हो गया।
प्रदेश का विधानसभा चुनाव सात चरणों में होगा। आखिरी चरण का चुनाव आठ मार्च को होगा। नतीजे 11 मार्च को आएंगे। छठे चरण के लिये 10 हजार 820 मतदान केन्द्र तथा 17 हजार 926 मतदेय स्थल बनाये गये थे, जिनमें से 1186 मतदान केन्द्रों को संवेदनशील माना गया था।
मतदान को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस तथा केन्द्रीय बल तैनात किया गया था। वर्ष 2012 में इन सीटों में से सपा ने 27, बसपा ने 9, भाजपा ने सात तथा कांग्रेस ने चार सीटें जीती थीं, जबकि दो सीटें अन्य के खाते में गई थीं।
इस चरण की मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए 2007 माइक्रो आब्जर्वर, 1221 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 123 जोनल मजिस्ट्रेट तथा 139 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। इसके अलावा 48 जनरल आब्जर्वर, 12 व्यय प्रेक्षक तथा पांच पुलिस पर्यवेक्षकों की भी तैनाती की गयी थी। (भाषा)
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Publish Date: Sat, 04 Mar 2017 (07:21 IST)
Updated Date: Sat, 04 Mar 2017 (21:20 IST)