Urdu Literature Sahitya 28
Select Your Language
हिन्दी
Hindi
English
English
தமிழ்
Tamil
मराठी
Marathi
తెలుగు
Telugu
മലയാളം
Malayalam
ಕನ್ನಡ
Kannada
ગુજરાતી
Gujarati
Notifications
Install App
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
क्राइम
फैक्ट चेक
ऑटो मोबाइल
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बजट 2026
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
मूवी रिव्यू
वेब स्टोरी
पर्यटन
आने वाली फिल्म
खुल जा सिम सिम
बॉलीवुड फोकस
आलेख
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
राशिफल 2026
क्रिकेट
अन्य खेल
खेल-संसार
धर्म-संसार
एकादशी
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
शिरडी साईं बाबा
श्रीरामचरितमानस
आलेख
सनातन धर्म
अलविदा 2025
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
सेहत
योग
NRI
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
पर्यटन
रोमांस
साहित्य
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
रामशलाका
राशियां
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
चौघड़िया
धर्म संग्रह
इंदौर
मध्यप्रदेश
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
चुटकुले
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
क्राइम
फैक्ट चेक
ऑटो मोबाइल
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बजट 2026
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
मूवी रिव्यू
वेब स्टोरी
पर्यटन
आने वाली फिल्म
खुल जा सिम सिम
बॉलीवुड फोकस
आलेख
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
राशिफल 2026
क्रिकेट
अन्य खेल
खेल-संसार
धर्म-संसार
एकादशी
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
शिरडी साईं बाबा
श्रीरामचरितमानस
आलेख
सनातन धर्म
अलविदा 2025
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
सेहत
योग
NRI
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
पर्यटन
रोमांस
साहित्य
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
रामशलाका
राशियां
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
चौघड़िया
धर्म संग्रह
इंदौर
मध्यप्रदेश
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
चुटकुले
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
Advertiesment
कलियाँ जब भी उदास होती हैं
कलियाँ जब भी उदास होती हैं, उनकी अफसुरदगी मिटाने को, तितलियाँ आसपास होती हैं - अज़ीज़ अंसारी
दोस्तों का न रिश्तेदारों का
दोस्तों का न रिश्तेदारों का इस दिखावे के दौर में मुझको आसरा है फ़क़त किताबों का - अज़ीज़ अंसारी
मैं क्या जानूँ रोज़ा है या टूट गया
पेट की ख़ातिर फ़ुट-पाथों पर बेच रहा हूँ तस्वीरें, मैं क्या जानूँ रोज़ा है या मेरा रोज़ा टूट गया - मुनव्
बहुत हसीन सही सोहबतें
बहुत हसीन सही सोहबतें गुलों की मगर, वो ज़िन्दगी है जो कांटों के दरमियाँ गुज़रे।
मैं किसको आँख भरकर देखता
डूबने वाला था, और साहिल पे चेहरों का हुजूम, पल की मौहलत थी, मैं किसको आँख भरकर देखता - अहमद फ़राज़
अहले-मुहब्बत को बसाया जाए
कोई शहर ऐसा भी दुनिया में बनाया जाए, जिसमें सिर्फ़ अहले-मुहब्बत को बसाया जाए - कैफ़ मुरादाबादी
फूलों की बस्ती में जाना
काँटों से गुजर जाना, शोलों से निकल जाना, फूलों की बस्ती में जाना तो सँभल जाना।
किसी बेवफा की खातिर
किसी बेवफा की खातिर ये जुनूँ फराज़ कब तक, जो तुम्हें भुला चुका है उसे तुम भी भूल जाओ - अहमद फराज़
ऐ मुहब्बत तेरे अंजाम पे
ऐ मुहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया, जाने क्यों आज तेरे नाम पे रोना आया।
कोई निशान लगाते चलो
कोई निशान लगाते चलो दरख़्तों पर, के इस सफ़र में तुम्हें लौट कर भी आना है ---- रऊफ़ ख़ैर
ज़िंदगी भी हाथ में आ जाएगी
खुद को देखें हम पराई आँख से, हर कमी अपनी नजर आ जाएगी, एक ही लम्हे पे कब्ज़ा कीजिए, ज़िंदगी भी हाथ
तेरा हमसफर कहाँ है
उन रास्तों ने जिन पर कभी तुम थे साथ मेरे, मुझे रोक-रोक पूछा, तेरा हमसफर कहाँ है।
रूठना अब तो तेरी आदत में शामिल हो गया
पहले इसमें इक अदा थी, नाज़ था, अंदाज़ था रूठना अब तो तेरी आदत में शामिल हो गया - आग़ा 'शायर'
मान लो तुमसे रूठ जाए कोई
मान लो तुमसे रूठ जाए कोई, तुम भला किस तरह मनाओगे - 'फिराक' गोरखपुरी
मगर जब याद आते हैं तो अक्सर याद आते हैं
नहीं आती तो याद उनकी महीनों तक नहीं आती, मगर जब याद आते हैं तो अक्सर याद आते हैं।
नाज़ुकी उसके लब की क्या कहिए
नाज़ुकी उसके लब की क्या कहिए, पंखुड़ी इक गुलाब की सी है----------------- मीर
याद रक्खो तो दिल के
याद रक्खो तो दिल के पास हैं हम, भूल जाओ तो फ़ासले हैं बहुत।
कहाँ गई वो वफ़ा आज तो चले आओ
कहाँ गई वो वफ़ा, आज तो चले आओ, लबों पे दम है रुका, आज तो चले आओ।
क़द्र रखती न थी मता-ए-दिल,
क़द्र रखती न थी मता-ए-दिल, सारे आलम को मैं दिखा लाया----मीर तक़ी 'मीर'
ग़म रोज़गार के
दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया तुझसे भी दिलफ़रेब हैं ग़म रोज़गार के ----- फै़ज़ अहमद फ़ैज़
Open App
X
होम
धर्म संग्रह
Shorts
फोटो
Reels