Urdu Literature Sahitya 31
Select Your Language
हिन्दी
Hindi
English
English
தமிழ்
Tamil
मराठी
Marathi
తెలుగు
Telugu
മലയാളം
Malayalam
ಕನ್ನಡ
Kannada
ગુજરાતી
Gujarati
Notifications
Install App
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
क्राइम
फैक्ट चेक
ऑटो मोबाइल
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बजट 2026
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
मूवी रिव्यू
वेब स्टोरी
पर्यटन
आने वाली फिल्म
खुल जा सिम सिम
बॉलीवुड फोकस
आलेख
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
राशिफल 2026
क्रिकेट
अन्य खेल
खेल-संसार
धर्म-संसार
एकादशी
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
शिरडी साईं बाबा
श्रीरामचरितमानस
आलेख
सनातन धर्म
अलविदा 2025
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
सेहत
योग
NRI
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
पर्यटन
रोमांस
साहित्य
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
रामशलाका
राशियां
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
चौघड़िया
धर्म संग्रह
इंदौर
मध्यप्रदेश
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
चुटकुले
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
क्राइम
फैक्ट चेक
ऑटो मोबाइल
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बजट 2026
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
मूवी रिव्यू
वेब स्टोरी
पर्यटन
आने वाली फिल्म
खुल जा सिम सिम
बॉलीवुड फोकस
आलेख
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
राशिफल 2026
क्रिकेट
अन्य खेल
खेल-संसार
धर्म-संसार
एकादशी
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
शिरडी साईं बाबा
श्रीरामचरितमानस
आलेख
सनातन धर्म
अलविदा 2025
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
सेहत
योग
NRI
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
पर्यटन
रोमांस
साहित्य
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
रामशलाका
राशियां
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
चौघड़िया
धर्म संग्रह
इंदौर
मध्यप्रदेश
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
चुटकुले
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
Advertiesment
हम खफ़ा कब थे
बेसबब बात बढ़ाने की ज़रूरत क्या है, हम खफ़ा कब थे, मनाने की ज़रूरत क्या है - शाहिद कबीर
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है
हमको उनसे वफ़ा की है उम्मीद , जो नहीं जानते वफ़ा क्या है - ग़ालिब
हर एक बात पे कहते हो
हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है, तुम्हीं कहो कि ये अन्दाज़े-ग़ुफ़्तगू क्या है - ग़ालिब
वो भी ऐसे में आ जाए अचानक
ऐ काश वो भी ऐसे में आ जाए अचानक , मौसम बहुत दिनों में सुहाना हुआ तो है - अज़ीज़ अंसारी
मुश्किल नहीं है कुछ भी
कहिये, तो आसमां को ज़मीं पे उतार लायें मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर ठान लीजिये - शहरयार
शर्म तुमको मगर नहीं आती
काबा किस मुँह से जाओगे ग़ालिब, शर्म तुमको मगर नहीं आती -- ग़ालिब
दिल भी यारब कई दिए होते
मेरी क़िस्मत में ग़म गर इतना था, दिल भी यारब कई दिए होते।
बनावट है ये सारा गुस्सा
हम न कहते थे, बनावट है ये सारा गुस्सा हँस के लो फिर वो उन्होंने हमें देखा।
चाहने वालों से गर मतलब नहीं
चाहने वालों से गर मतलब नहीं , आप फिर पैदा हुए किनके लिए - दाग़ देहलवी
उसमें गहराई समंदर की कहाँ
चहचहाकर सारे पंछी उड़ गए वार जब सैयाद का खाली गया
तुम्हें याद करने लगते हैं
तुम्हारी याद के जब ज़ख्म भरने लगते हैं, किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं।
आज तुम याद बेहिसाब आए
कर रहा था ग़म-ए-जहाँ का हिसाब, आज तुम याद बेहिसाब आए।
किसे हँसने का यहाँ वक़्त मिला है
इतवार की इक शाम तो बच्चों में रहूँ मैं , वरना किसे हँसने का यहाँ वक़्त मिला है ----- सैफ़ी
लोग जाते हैं अगर ...
लोग जाते हैं अगर चाँद नगर तक जाएँ हम तड़पते हैं के बस आपके दर तक जाएँ---याक़ूब तसव्वुर
मैं गया वक़्त नहीं हूँ
महरबाँ होके बुलालो मुझे चाहो जिसदम-------- मैं गया वक़्त नहीं हूँ के फिर आ भी न सकूँ ----- ग़ालिब
तुझसे भी दिलफ़रेब हैं
दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया, तुझसे भी दिलफ़रेब हैं, ग़म रोज़गार के।
इश्क़ ने ग़ालिब
इश्क़ ने ग़ालिब निकम्मा कर दिया, वरना हम भी आदमी थे काम के।
मैं तुझको हार चला था
मैं तुझको हार चला था, गये ज़माने को ख़ुशी ने दिल को दुखाया तो तेरी याद आई।
दोनों जहान तेरी मुहब्बत में हार के
हुस्नो-इश्क तो धोका है
किसी का यूँ तो हुआ कौन उम्र भर फिर भी, ये हुस्नो-इश्क तो धोका है सब, मगर फिर भी - फिराक़
Open App
X
होम
धर्म संग्रह
Shorts
फोटो
Reels