Urdu Nazm %e0%a4%a8%e0%a5%9b%e0%a5%8d%e0%a4%ae %e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a4%be %e0%a4%ab%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b2%e0%a5%80 108070800052_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

नज़्म : निदा फ़ाज़ली

Advertiesment
नज़्म निदा फ़ाज़ली
उठ के कपड़े बदल
घर से बाहर निकल
जो हुआ सो हुआ॥

Aziz AnsariWD
जब तलक साँस है
भूख है प्यास है
ये ही इतिहास है
रख के कांधे पे हल
खेत की ओर चल
जो हुआ सो हुआ॥

  मंदिरों में भजन मस्ज़िदों में अज़ाँ आदमी है कहाँ आदमी के लिए      
खून से तर-ब-तर
कर के हर राहगुज़र
थक चुके जानवर
लड़कियों की तरह
फिर से चूल्हे में जल
जो हुआ सो हुआ॥

जो मरा क्यों मरा
जो जला क्यों जला
जो लुटा क्यों लुटा
मुद्दतों से हैं गुम
इन सवालों के हल
जो हुआ सो हुआ॥

मंदिरों में भजन
मस्ज़िदों में अज़ाँ
आदमी है कहाँ
आदमी के लिए
एक ताज़ा ग़ज़ल
जो हुआ सो हुआ।।
प्रस्तुति : अज़ीज़ अंसारी

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi