Urdu Nazm %e0%a4%a8%e0%a5%9b%e0%a5%8d%e0%a4%ae %e0%a5%9e%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a5%98 %e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%80 108072400081_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

नज़्म : फ़िराक़ गोरखपुरी

Advertiesment
नज़्म फ़िराक़ गोरखपुरी
क्यों तेरे ग़म-ए-हिज्र में नमनाक हिं पलकें
क्योंकि याद तेरी आते ही तारे निकल आए

बरसात की इस रात में ए दोस्त तेरी याद
इक तेज़ छुरी है जो उतरती ही चली जाए

कुछ एसी भी गुज़री हैं तेरे हिज्र में रातें
दिल दर्द से ख़ाली हो मगर नींद न आए

शायर हैं फ़िराक़ आप बड़े पाए के लेकिन
रक्खा है अजब नाम के जो रास न आए

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi