Publish Date: Wed, 18 Jun 2008 (13:04 IST)
Updated Date: Wed, 18 Jun 2008 (12:59 IST)
1. भूली बिसरी राम कहानी फिर से अब दोहराए कौन
फूल हँसेंगे रोएगी शबनम, ज़ख्म-ए-जिगर दिखलाए कौन
मांझी, मौजें, तूफ़ाँ, धारे, सब की नीयत डांवाडोल
बीच भंवर से मेरी नय्या तुझबिन पार लगाए कौन
दीप, पतंगे, चाँद, चकोरी, तेरे मेरे अफ़साने
फूल और भंवरा एक पहेली बूझे कौन बुझाए कौन
ममता माँ की, प्यार बहन का ख्वाब सा होता जाता है
जिसको सुंकर नींद आजाए ऐसी लोरी गाए कौन
मन में रूप के मेले ठेले सुन्दर सपने आँखों में
अपने घर की छोड़ के मेहफ़िल उनके द्वारे जाए कौन
पहले तो इक़रार किया हाँ पी लेंगे फिर जाने क्यों
हँस के बोले जा भी साग़र बात में तेरी आए कौन