Publish Date: Thu, 02 Jan 2025 (16:27 IST)
Updated Date: Thu, 02 Jan 2025 (17:00 IST)
कीमोथैरेपी और सर्जिकल से मिल सकेगी राहत : आईआईटी-गुवाहाटी के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर देबप्रतिम दास ने कहा कि कैंसर दुनियाभर में लाखों रोगियों को प्रभावित कर रहा है, लेकिन कीमोथैरेपी और सर्जिकल उपचार पद्धति जैसे मौजूदा उपचारों की कड़ी सीमाएं होती हैं।
प्रोफेसर दास ने कहा कि ट्यूमर को शल्य चिकित्सा द्वारा हटाना कभी-कभी संभव नहीं होता, विशेष रूप से आंतरिक अंगों के लिए जबकि कीमोथेरेपी की प्रणालीगत प्रक्रिया अपनाए जाने से अक्सर कैंसरग्रस्त और स्वस्थ दोनों कोशिकाओं पर प्रभाव पड़ने के कारण हानिकारक दुष्प्रभाव उत्पन्न होते हैं। हमने एक हाइड्रोजेल डिजाइन करके इन चुनौतियों का समाधान किया है, जो ट्यूमर वाले स्थान पर दवाओं को सटीक रूप से पहुंचाता है, जिससे लक्षित कोशिकाओं का इलाज सुनिश्चित होता है।
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हाइड्रोजेल जल-आधारित, त्रि-आयामी बहुलक नेटवर्क हैं जो तरल पदार्थ को अवशोषित करने और बनाए रखने में सक्षम हैं। उनकी अनूठी संरचना जीवित ऊतकों की नकल करती है, जिससे वे जैव-चिकित्सा अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बन जाते हैं।(भाषा)
Edited by: Ravindra Gupta