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आगरा में NGT के आदेश पर बड़ी कार्रवाई, 60 वर्ष पुराने अतिक्रमण हटाए, तालाब की भूमि हुई मुक्त

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 60 year old encroachments removed in Agra on NGT orders
Agra illegal construction case : उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) आदेश के बाद अंगूठी गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 60 वर्षों से तालाब की भूमि पर हुए अवैध कब्जों को हटवा दिया। इस दौरान मस्जिद, मजार, मंदिर सहित अन्य अवैध निर्माणों को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया, साथ ही किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस तथा पीएसी तैनाती की गई।
 
मिली जानकारी के मुताबिक अंगूठी गांव स्थित तालाब की 22 बीघा से अधिक भूमि पर पिछले कई दशकों से अतिक्रमण चला आ रहा था। स्थानीय लोगों ने इस भूमि पर आवासीय निर्माणों के साथ-साथ धार्मिक स्थल भी बना लिए थे। इसी  क्षेत्र के रहने वाले भूरी सिंह तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए कराने के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे थे। स्थानीय स्तर पर जमीन से अतिक्रमण मुक्त कराने का सपना धूमिल होने पर भूरी सिंह ने पिछले वर्ष एनजीटी में एक याचिका दायर की थी।
मामले की सुनवाई में भूरी सिंह की शिकायत सही पाई गई, लिहाजा एनजीटी ने जनवरी में जिला प्रशासन को तालाब की भूमि से सभी अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए थे। एनजीटी द्वारा तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने के आदेश पर तहसील न्यायालय ने 9 जून को बेदखली के नोटिस जारी किए। प्रशासन ने पहले चरण में अधिकांश मकानों को हटवा दिया था, जबकि धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई शेष थी।
 
धार्मिक स्थल हटवाने के लिए अपर पुलिस उपायुक्त हिमांशु गौरव और एडीएम वित्त एवं राजस्व संदीप वर्मा भारी पुलिस बल तथा पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए क्षेत्र की चारों तरफ से घेराबंदी करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया, आसपास के मकानों की छतों पर पीएसी के जवानों की लगातार निगरानी रही और गलियों में पुलिस पैदल गश्त करती रही। ग्रामीणों को एहतियातन कार्रवाई स्थल से दूर रखा गया।
प्रशासन की निगरानी में तालाब की भूमि पर बने अवैध मस्जिद, मजार, मंदिर और अन्य निर्माणों को हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई न्यायालय और एनजीटी के आदेशों के अनुरूप की गई है तथा तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर उसके मूल स्वरूप को बहाल करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
 
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक भूमि और जल स्रोतों पर अतिक्रमण के मामलों में भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि पर्यावरण संरक्षण से खिलवाड़ न हो पाए और राजस्व अभिलेखों की सुरक्षा और पारदर्शिता बनी रहे।
Edited By : Chetan Gour

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