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आयुष्मान योजना के मामले में बागपत प्रदेश में नंबर वन

बागपत में 123 करोड़ से अधिक का क्लेम, पहले की सरकारों में कभी नहीं मिली इतनी बड़ी राहत

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Baghpat Ayushman Yojana
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभाव से प्रदेश के लाखों परिवारों को अब बीमारी के समय आर्थिक संकट से जूझना नहीं पड़ता। पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा का अभूतपूर्व अध्याय लिखा जा रहा है। बागपत जनपद इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश में नंबर वन है, जहां लक्ष्य के सापेक्ष 94 प्रतिशत से भी अधिक परिवारों को योजना से जोड़ा जा चुका है।
 

उम्मीद और सुरक्षा का प्रतीक बना आयुष्मान कार्ड

डबल इंजन सरकार की इस पहल ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इलाज को सुलभ बना दिया है। अब पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में उपलब्ध हो रहा है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि आयुष्मान कार्ड आज लोगों के लिए उम्मीद और सुरक्षा का प्रतीक बन चुका है। इससे न केवल इलाज संभव हुआ है, बल्कि लोगों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। इसके अंतर्गत साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों को योजना के दायरे में लाया गया है।
 

बागपत बना मॉडल : 123 करोड़ से अधिक का क्लेम

बागपत में आयुष्मान योजना के तहत 123 करोड़ रुपये से अधिक का क्लेम दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन को बदल रही है।
 
श्वेता को मिला नया जीवन : बड़ौत की रहने वाली श्वेता कूल्हे की गंभीर समस्या से जूझ रहीं थीं। चलना-फिरना लगभग बंद हो चुका था और 2 लाख रुपए का ऑपरेशन कराना उनके परिवार के लिए संभव नहीं था। तभी आयुष्मान कार्ड ने उनकी जिंदगी बदल दी। सूचीबद्ध अस्पताल में उनका ऑपरेशन निःशुल्क हुआ और आज वे सामान्य जीवन जी रही हैं।
 
समदीन के दर्द को मिला राहत का सहारा : बड़ौत के समदीन लंबे समय से गुर्दे की पथरी के दर्द से परेशान थे। 55 हजार रुपए का ऑपरेशन कराना उनके लिए संभव नहीं था। आयुष्मान योजना के तहत उनका इलाज मुफ्त हुआ और अब वे फिर से काम पर लौट चुके हैं।
 
सहाना के लिए बना जीवन रक्षक कवच : ग्राम बड़ावद की सहाना को अचानक एपेंडिक्स की समस्या हुई। 40 हजार रुपए का खर्च परिवार के लिए बहुत बड़ा था लेकिन आयुष्मान योजना ने चिंता दूर कर दी। उनका ऑपरेशन निःशुल्क हुआ और आज वे स्वस्थ हैं।

हर वर्ग को मिला भरोसा, हर घर तक पहुंची राहत

बिलोचपुरा की महरोजा और खिंदौड़ा के मनोज कुमार जैसे अनेक लाभार्थियों की कहानियां इस योजना के प्रभाव को दर्शाती हैं। पहले जहां बीमारी का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते थे, वहीं अब आयुष्मान कार्ड ने उन्हें यह भरोसा दिया है कि इलाज संभव है और जीवन सुरक्षित है।
 
योगी सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पारदर्शी व्यवस्था, व्यापक कवरेज और सक्रिय क्रियान्वयन के चलते आयुष्मान योजना आज प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार बन चुकी है।
 
ऐसे हासिल किया लक्ष्य : जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत सभी वृद्धावस्था पेंशनधारकों का शत-प्रतिशत कवरेज (सैचुरेशन) किया गया। इसके अलावा सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं शिक्षा मित्रों के माता-पिता को योजना से जोड़ा गया है। वहीं, जनप्रतिनिधियों के माता-पिता को भी आयुष्मान योजना के दायरे में लाया गया है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
 

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