बरेली में एक बड़े कारोबारी की 25वीं वैडिंग एनीवर्सरी फंक्शन पलक झपकते ही मातम में तब्दील हो गया। शादी की सिल्वर जुबली पार्टी में शिक्षिका पत्नी संग कारोबारी स्टेज पर खुशी के साथ नाच रहा था, लगभग 2 मिनट डांस करने के बाद कारोबारी अचानक से गिरता है, आनन-फानन में परिजन नजदीक के अस्पताल ले जाते है जहां उसे डाक्टर मृत घोषित कर देते हैं। शादी के 25वीं सालगिरह को ग्रहण लग जाता है। घर में चीख-पुकार और रोने की आवाज सुनाई देने लगती है। मौत की यह लाइव तस्वीर सीसीटीवी में कैद हो जाती है।
बरेली प्रेमनगर थाना क्षेत्र में शाहबाद अपनी जूता व कपड़ा कारोबारी 50 वर्षीय वसीम अपनी शिक्षिका पत्नी और फराह और दो बेटों के साथ रहते हैं। 2 अप्रैल में इस दंपति ने अपनी शादी की 25वीं सालगिरह एक बैंकेट हाल में रखी थी। फंक्शन का बाकायदा कार्ड छपवाया और रिश्तेदार व करीबियों को बुलाया गया। सिल्वर जुबली फंक्शन शुरू ही हुआ था, स्टेज में वसीम और फरहा अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए झूमते गाते मस्ती कर रहें थे।
अभी नाचते हुए तकरीबन 2 ही मिनट हुए थे कि स्टेज पर साथ देने के लिए परिजन भी साथ आते है, पत्नी समेत और लोग उन्हें उठाकर अस्पताल ले जाते है, जहां वसीम को हार्टअटैक आने के चलते डाक्टर मृत घोषित कर देते हैं। वसीम के परिजनों का कहना है कि वसीम अपनी शादी की 25 वीं वर्षगांठ को लेकर बेहद खुश थे।
फंक्शन की तैयारी काफी समय से कर रहा था, कार्ड भी बांटे गए। रिश्तेदार और आसपास के लोग भी प्रोग्राम में शामिल होने पहुंचे। केक सेरेमनी से पहले डांस का प्रोग्राम रखा गया था। वसीम और फरहा के लिए विशेष केक बनवाया गया था, लेकिन केक काटने से पहले ही वसीम के जीवन की डोर कट गई।
फरहा के जीवन में.शादी की साल गिरह वाले दिन ही ग्रहण लग गया, अपनी आंखों के सामने उसने पति की मौत देखी। नाचते हुए हार्टअटैक से मौत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को देखकर कोई यह नहीं कह सकता कि वसीम अब इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं क्योंकि वे तक़रीबन एक मिनट दस सेकंड के इस वीडियो में मियां-बीवी झूम रहे हैं। लेकिन दोनों को ये अहसास तक नहीं था कि यह उनके जीवन की आखिरी खुशी होगी। वसीम को यह अहसास भी नहीं होगा कि वे चंद सेकंड में इस दुनिया को अलविदा कह देंगे।
उनकी बीवी फराह शहर के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती हैं। अपने शौहर की मौत के बाद से वे बदहवास हो गईं। परिवार के लोगों ने वसीम को नम आंखों के साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। वसीम अपने पीछे दो बेटे छोड़ गए हैं। एक बेटा MBBS कर रहा है जबकि दूसरा बेटा पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। माता-पिता की सिल्वर जुबली पर दोनों बेटे भी बेहद खुश थे। अपने पिता को खोकर दोनों बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है।