Publish Date: Thu, 16 Oct 2025 (21:58 IST)
Updated Date: Thu, 16 Oct 2025 (22:01 IST)
इस वर्ष अयोध्या का दीपोत्सव पहले से कहीं अधिक भव्य, अलौकिक और ऐतिहासिक रूप में मनाया जाएगा। आयोजन में कई नए आकर्षण जोड़े गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख है राम की पैड़ी पर सजा विशाल पुष्पक विमान है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बरबस अपनी तरफ खींचते हुए आस्था और आकर्षण का केंद्र बन गया है।
यह पुष्पक विमान त्रेता युग की उस पौराणिक कथा को जीवंत करते हुए उस दिव्य क्षण की याद दिला रहा है जब भगवान श्रीराम लंका विजय के बाद इसी विमान से अयोध्या लौटे थे और अयोध्यावासियों ने उनके स्वागत में घर-घर दीप जलाकर पहली दिवाली मनाई थी।
इस पुष्पक विमान जहां रामभक्तों और पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र है, वहीं इस मनमोहक दृश्य को लोग अपने साथ यादों में जीवित रखने के लिए मोबाइल में फोटो ले रहे हैं। पुष्पक विमान में श्रद्धालुओं के लिए सेल्फी प्वाइंट भी बनाया जा रहा है।
इस परंपरा को नई ऊंचाई देने के लिए इस बार 19 अक्टूबर को राम की पैड़ी पर 26 लाख दीपक एक साथ जलाए जाएंगे। इससे एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित होगा। भक्ति और प्रकाश के इस महासागर के बीच पुष्पक विमान का दृश्य अद्भुत, आलौकिक और इतिहास रचने वाला होगा।
इस अनोखे पुष्पक विमान को तैयार किया है वाराणसी के 'आर्ट अटैक ऑफ जॉय ग्रुप' के कारीगर लगे हुए हैं। कारीगर अभिषेक यादव के मुताबिक उनके 8 लोगों की टीम दिन-रात मेहनत कर रही है। उन्होंने बताया कि पुष्पक विमान का ढांचा वाराणसी में 8 दिनों के अंदर तैयार किया है। पिछले तीन दिनों से अयोध्या में इसका फिनिशिंग कार्य निरंतर चल रहा है।
सुनहरी आभा और दिव्यता से दमकता यह पुष्पक विमान न सिर्फ दीपोत्सव की शोभा बढ़ा रहा है, बल्कि भगवान श्रीराम के लौटने की उस दिव्य गाथा को पुनर्जीवित कर रहा है, जब पूरी अयोध्या 'जय श्रीराम' के उद्घोष और दीपों की रोशनी से आलोकित हो उठी थी।
अयोध्या में इस बार का दीपोत्सव सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और गौरव का संगम बनने जा रहा है। यहां हर दीप भगवान श्रीराम के आगमन की उस अमर कथा को फिर से जीवित कर देगा। Edited by : Sudhir Sharma