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गंगा एक्सप्रेसवे आईएमएलसी : निवेशकों के लिए 'हाई-इंसेंटिव कॉरिडोर', सब्सिडी से सिंगल विंडो तक पूरा सपोर्ट सिस्टम तैयार

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Projects along the Ganga Expressway are emerging as industrial corridors
- कैपिटल सब्सिडी और एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट से लागत में बड़ी राहत
- एफडीआई और भूमि पर विशेष रियायतें, स्टाम्प ड्यूटी में 100% छूट
- ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो और पीएलआई टॉप-अप से आसान निवेश
- पावर, ग्रीन और आरएंडडी इंसेंटिव से इंडस्ट्री को बढ़ावा
Uttar Pradesh News : गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) अब केवल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि हाई-इंसेंटिव इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में उभर रहे हैं। योगी सरकार द्वारा दी जा रही बहुस्तरीय सब्सिडी, टैक्स छूट, सिंगल विंडो सिस्टम और पीएलआई टॉप-अप जैसी सुविधाएं निवेशकों के लिए इसे देश के सबसे आकर्षक औद्योगिक गंतव्यों में बदल रही हैं। सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे इन आईएमएलसी को निवेश का बड़ा केंद्र बनाने के लिए बहुस्तरीय प्रोत्साहन नीति लागू की है, जिससे लागत कम और कारोबार आसान हो रहा है।
 

कैपिटल सब्सिडी और एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट से लागत में बड़ी राहत

गंगा एक्सप्रेसवे आईएमएलसी में निवेश करने वाले उद्योगों को उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत एलिजिबल कैपिटल इनवेस्टमेंट (ईसीआई) पर 42% तक कैपिटल सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। इसके साथ ही, 100% नेट एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट (ईसीआई के 300% तक) की सुविधा योग्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को दी जा रही है। इससे शुरुआती निवेश लागत में भारी कमी आती है और उद्योगों की वित्तीय व्यवहार्यता मजबूत होती है।
 

एफडीआई और भूमि पर विशेष रियायतें, स्टाम्प ड्यूटी में 100% छूट

राज्य सरकार ने विदेशी निवेश (एफडीआई) को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। सरकारी भूमि पर फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी 80% तक और कैपिटल सब्सिडी 35% तक दी जा रही है। साथ ही, आईएमएलसी में स्थापित होने वाली इकाइयों को भूमि पंजीकरण पर 100% स्टाम्प ड्यूटी छूट का लाभ मिलता है, जिससे जमीन अधिग्रहण और स्थापना की प्रक्रिया बेहद किफायती हो जाती है।

पावर, ग्रीन और आरएंडडी इंसेंटिव से इंडस्ट्री को बढ़ावा

औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ऊर्जा और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया गया है। एफडीआई और फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों को 5 वर्षों तक 100% बिजली शुल्क (इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी) में छूट दी जा रही है।
ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए 2.5 करोड़ रुपए तक का इंसेंटिव (50% तक) उपलब्ध है। वहीं, रिसर्च एवं डेवलपमेंट को प्रोत्साहित करने हेतु 10 करोड़ रुपए तक का आरएंडडी ग्रांट भी दिया जा रहा है, जिससे अत्याधुनिक तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।
 

‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो से आसान निवेश और पारदर्शिता

निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो पोर्टल को मजबूत किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर 500 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं, भूमि आवंटन, स्वीकृति और इंसेंटिव ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध है। इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और समय की बचत होती है।
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गंगा एक्सप्रेसवे आईएमएलसी में स्थापित उद्योगों को केंद्र सरकार की पीएलआई योजना के साथ 30% तक का अतिरिक्त टॉप-अप भी दिया जा रहा है। यह सुविधा विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रतिस्पर्धी बनाती है और बड़े निवेश को आकर्षित करने में मदद करती है।
Edited By : Chetan Gour

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