Publish Date: Sun, 10 May 2026 (16:11 IST)
Updated Date: Sun, 10 May 2026 (17:05 IST)
Yogi Adityanath Cabinet Expansion : उत्तर प्रदेश में लंबे समय से चर्चा में चल रहा योगी मंत्रिमंडल का आज विस्तार हो गया है। कैबिनेट में 6 नए मंत्री शामिल हुए, जबकि 2 मंत्रियों का प्रमोशन हुआ है। लखनऊ के लोकभवन में मंत्रियों ने शपथ ली। माना जा रहा है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने यह बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। शपथ लेने वाले नए मंत्रियों में हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश लोधी, कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, मनोज पांडे, भूपेंद्र चौधरी शामिल रहे, जबकि नरेंद्र कश्यप, जो कि वर्तमान में राज्यमंत्री हैं, का प्रमोशन कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसी प्रकार अजित पाल को भी राज्यमंत्री से प्रमोशन कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
उत्तर प्रदेश में लंबे समय से चर्चा में चल रहा योगी मंत्रिमंडल का आज विस्तार हो गया है। कैबिनेट में 6 नए मंत्री शामिल हुए, जबकि 2 मंत्रियों का प्रमोशन हुआ है। लखनऊ के लोकभवन में मंत्रियों ने शपथ ली। माना जा रहा है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने यह बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है।
इन्हें मिली योगी कैबिनेट में जगह
शपथ लेने वाले नए मंत्रियों में हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश लोधी, कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, मनोज पांडे, भूपेंद्र चौधरी शामिल रहे, जबकि नरेंद्र कश्यप, जो कि वर्तमान में राज्यमंत्री हैं, का प्रमोशन कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसी प्रकार अजित पाल को भी राज्यमंत्री से प्रमोशन कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
कैलाश राजपूत को लोधी समाज का मजबूत नेता माना जाता है, जबकि सुरेंद्र दिलेर की वाल्मीकि समाज में अच्छी पकड़ बताई जाती है। इस मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा रायबरेली के विधायक मनोज पांडे के नाम की रही। कभी समाजवादी पार्टी के करीबी रहे मनोज पांडे अब भाजपा के साथ नजर आ रहे हैं। ब्राह्मण चेहरे के तौर पर भाजपा उन्हें अहम मान रही है। भाजपा ने इस बार दलित और पिछड़े वर्ग पर भी खास फोकस किया है।
फतेहपुर की विधायक कृष्णा पासवान को पासी समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है, वहीं हंसराज विश्वकर्मा को अति पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधि के तौर पर देखा जा रहा है। भूपेंद्र चौधरी ने राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। मुरादाबाद के रहने वाले भूपेंद्र चौधरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जाट नेताओं में गिना जाता है। चौधरी इससे पहले वर्ष 2017 से 2019 तक पंचायती राज राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और बाद में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लोक भवन में आयोजित समारोह में 6 नए चेहरों समेत 8 मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की थी। योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 में अभी मुख्यमंत्री, 2 उपमुख्यमंत्री समेत 21 कैबिनेट मंत्री हैं। इनके साथ 14 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 18 राज्य मंत्री हैं। सरकार में 54 मंत्री हैं तो अधिकतम 60 मंत्री ही बनाए जा सकते हैं।
कब हुआ था योगी मंत्रिमंडल का पहला विस्तार?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का पहला विस्तार लोकसभा चुनाव से पहले 5 मार्च 2024 को हुआ था, तब सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए पिछड़े, दलित, अगड़े के साथ ही पूरब से पश्चिम को साधते हुए 4 नए कैबिनेट मंत्री बनाए गए थे।
Edited By : Chetan Gour
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