Publish Date: Wed, 25 May 2022 (18:52 IST)
Updated Date: Wed, 25 May 2022 (18:58 IST)
Name Plate Vastu design Tips: नाम पट्टिका को नेम प्लेट कहते हैं। अक्सर यह किसी के भी घर के बाहर लगी होती है ताकि अतिथि, कोरियर देने वाला या पोस्टमैन सहित किसी को भी घर ढूंढने में परेशानी न हो। वास्तु शास्त्री के अनुसार यह नेम प्लेट भी वास्तु के अनुसार होना चाहिए, क्योंकि नेप प्लेट ही आपका पहला इम्प्रैशन होता है। इसी से आपके व्यक्तित्व का पता भी चलता है। अत: इसका लोगों को अच्छा प्रभाव पड़ना चाहिए। तो आओ जानते हैं नेम प्लेट का वास्तु।
1. नेम प्लेट लगाने की दिशा : इस मुख्य द्वार के बायीं ओर लगाना चाहिए।
2. ऊंचाई : नेम प्लेट दरवाजे के आधे हिस्से की ऊंचाई पर लगाई जाना चाहिए।
3. मजबूती : नेम प्लेट अच्छी मजबूत और ठीक से लगी होना चाहिए। यह लटकती हुई नहीं होना चाहिए।
4. स्टाइलिश : नेम प्लेट दानेदार नहीं होना चाहिए या उसमें कोई छेद नहीं होना चाहिए। नेम प्लेट स्टाइलिश होना चाहिए।
5. आकार और साइज : नेम प्लेट दरवाजे के डिजाइन और साइज के अनुसार ही बनवाएं। दरवाजे की डिजाइन व शेप को भी ध्यान में रखकर नेम प्लेट का शेप चुनें, जैसे रैक्टेंगल, ओवल आदि। नेप प्लेट इतनी बड़ी होना चाहिए कि एक निश्चित दूरी से उसे पढ़ा जा सके।
6. लकड़ी और धातु : नेप प्लेट में अच्छी लकड़ी और पीतल या तांबे की धातु का उपयोग किया जाना चाहिए। आप चाहें तो पत्थर या ठोस ग्लास का उपयोग भी कर सकते हैं।
7. नेम प्लेट के अक्षर : नेम प्लेट पर जो भी नाम लिखा रहे हैं वे बहुत ज्यादा भरे या खाली न लगें। नाम छोटा हो तो फॉन्ट साइज को बड़ा रखें। नेम प्लेट के फॉन्ट्स औए रंग ऐसे होना चाहिए, जिन्हें आसानी से किसी भी उम्र का व्यक्ति पढ़ सकें।
8. पारंपरिक नेम प्लेट डिजाइन : आप ऐसी नेम प्लेट भी बनवा सकते हैं जिसमें संस्कृति, कला और परंपरा का मिश्रण हो। रचनात्मक नेम प्लेट डिज़ाइन या DIY चित्र या आर्टवर्क भी करवा सकते हैं।
9. द्वार पर या दीवार पर : नेप प्लेट आप द्वार के बीचोबीच भी लगा सकते हैं लेकिन यदि जगह हो तो द्वार से जुड़ी दीवार पर नेम प्लेट लगाएं। मुख्य द्वार और नेम प्लेट अच्छी तरह से प्रकाश युक्त होनी चाहिए।
10. साफ-सफाई : सुनिश्चित करें कि नेम प्लेट को नियमित रूप से साफ किया जाए और वो धूल से मुक्त रहे।