Publish Date: Mon, 29 Jan 2024 (12:24 IST)
Updated Date: Mon, 29 Jan 2024 (18:22 IST)
- कहानी को इस तरह से फिल्माया है कि रियलिटी के यह बिलकुल भी नजदीक नहीं लगती
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गे क्या होगा यह अनुमान आप लगाने बैठे तो ज्यादातर सफलता ही मिलेगी
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इस मिशन में जरा भी रोमांच नहीं है
पुलिस ऑफिसर और उनके मिशन पर फिल्म बनाना रोहित शेट्टी को पसंद है। यही काम उन्होंने अपनी पहली वेबसीरिज 'इंडियन पुलिस फोर्स' में भी किया है। मामूली फेरबदल किया है। रोहित फिल्मों में मुंबई पुलिस नजर आती है, यहां दिल्ली की पुलिस है। रोहित की फिल्मों में हीरोइन के लिए खास रोल नहीं होता, यहां पर शिल्पा शेट्टी को फुटेज दिए गए हैं। बाकी कुछ नया नहीं है। सिंघम, सिम्बा, सूर्यवंशी वाला मेकिंग और अंदाज है जो अब पुराना लगता है।
इन दिनों आतंकवादी को पकड़ने के मिशन पर ही फिल्में और वेबसीरिज बन रही हैं। दिल्ली में सीरियल ब्लास्ट के पीछे कौन है यह ढूंढने के लिए विवेक ओबेरॉय, शिल्पा शेट्टी और सिद्धार्थ मल्होत्रा की टीम निकल पड़ती है। लेकिन इस मिशन में जरा भी रोमांच नहीं है।
कहानी को इस तरह से फिल्माया है कि रियलिटी के यह बिलकुल भी नजदीक नहीं लगती। कसावट इस सीरिज में नहीं है और बिखराव ही नजर आता है। कलाकारों की एक्टिंग और निर्देशन इतना कमजोर है कि पहले एपिसोड से ही यह सीरिज दर्शकों पर पकड़ बनाने में फेल हो जाती है और फिर बात बिगड़ती चली जाती है।
सारी जवाबदारी रोहित की ही है। उन्हें अब अपनी मेकिंग का स्टाइल बदलना चाहिए। एक फॉर्मूला और स्टाइल पकड़ कर वे कामयाबी हासिल करते रहे हैं, लेकिन अब इसकी धार बोथरा गई है।
रोहित शेट्टी और पांच-छ: लोगों ने इसको मिल कर लिखा है, लेकिन कहानी ऐसी है कि आगे क्या होगा यह अनुमान आप लगाने बैठे तो ज्यादातर सफलता ही मिलेगी। रोहित और सुशवंत प्रकाश ने मिलकर निर्देशित किया है, लेकिन उनके काम में पकड़ नहीं है। दो घंटे में कही जाने वाली बात को नाहक ही सात एपिसोड तक खींचा गया है। रोहित एक्शन और स्टंट्स के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस सीरिज में ये रंगहीन है।
सिद्धार्थ मल्होत्रा इस सीरिज के स्टार हैं, लेकिन वर्दी में वे सिर्फ हैंडसम लगे हैं। एक्टिंग के जरिये कोई असर नहीं छोड़ते। शिल्पा शेट्टी ओवर एक्टिंग करती नजर आईं। इनका रंग विवेक ओबेरॉय पर भी चढ़ गया और वे भी इस तिकड़ी की कमजोर कड़ी ही साबित हुए।
अंत में सीजन 2 की झलक मिलती है, लेकिन ये तभी बनाया जाना चाहिए जब कहने के लिए दमदार कहानी हो।
About Writer
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।....
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