Publish Date: Wed, 02 Mar 2011 (20:17 IST)
Updated Date: Wed, 02 Mar 2011 (20:16 IST)
पूर्व कप्तान कपिल देव ने क्रिकेट विश्व कप में प्रयोग की जा रही अंपायर के फैसले की समीक्षा प्रणाली (यूडीआरएस) की आलोचना करने वाले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का बुधवार को समर्थन किया।
यूडीआरएस के तहत मैदानी अंपायर तीसरे अंपायर को फैसला रैफर करते हैं, लेकिन अगर तीसरा अंपायर निर्णय पर नहीं पहुँचता पाता तो वह इसे मैदानी अंपायर को वापस भेज देता है। कपिल का मानना है कि यह अनैतिक है।
कपिल ने एक प्रचार कार्यक्रम कहा कि मैं आईसीसी से पूछना चाहूँगा कि अगर मैंने किसी को आउट दिया है और अगर आप (अंतिम फैसले के लिए) इसे तीसरे अंपायर के पास भेजते हो और तीसरा अंपायर इसे फिर से मुझे भेजता है तो मैं इसे कैसे बदल सकता हूँ। इसे वापस मेरे पास नहीं भेजना चाहिए। आप उस व्यक्ति का अपमान कर रहे हैं।
कपिल ने कहा कि आईसीसी को इन चीजों में सुधार करना होगा। नाटआउट का फैसला देने के बावजूद तीसरा अंपायर आपसे फैसला देने के लिए कह रहा है। मैं अपना फैसला पहले ही दे चुका हूँ, आप मुझसे फिर से क्यों कह रहे हो। कहीं न कहीं उन्हें अपने सोचने की प्रक्रिया बदलनी होगी।
कपिल ने कहा कि क्रिकेट में कई चीजें आ रही हैं। मानवीय तौर पर अगर आप कोई गलती करते हो तो आप इसे बदल नहीं सकते। या तो तीसरे अंपायर को नाट आउट कहना चाहिए या उन्हें आउट कहना चाहिए। आप फैसले के लिए वापस मैदानी अंपायर से नहीं कह सकते। मेरे अनुसार, यह अनैतिक है।
कपिल ने कहा कि धोनी इस बात में सही हैं। अगर आप कोई कानून बनाते हो तो यह निश्चित नहीं है कि हर किसी को यह पसंद हो। यह लोकतंत्र है और हम सीखते हैं। उन्होंने कहा कि जब तीसरा अंपायर प्रणाली प्रयोग में आई तो कई लोगों ने इसकी आलोचना की, लेकिन अंतत: इससे खेल को फायदा हुआ। मैंने धोनी से बात की और उसने कहा कि उसे रेफरल प्रणाली में सौ फीसदी विश्वास नहीं है। (भाषा)
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