Publish Date: Mon, 21 Feb 2011 (16:54 IST)Updated Date: Mon, 21 Feb 2011 (16:53 IST)
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राजधानी में विश्वकप के धूमधड़ाके की शुरुआत गुरुवार को दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बीच ग्रुप-बी के मैच से शुरू होने जा रही है और इस मैच में राजधानी के फिरोजशाह कोटला मैदान की कड़ी परीक्षा होगी।
दक्षिण अफ्रीका पहली बार इस मैदान पर कोई वनडे मैच खेलेगा जबकि वेस्टइंडीज ने इस मैदान पर एकमात्र बार 23 अक्टूबर 1989 को भारत के खिलाफ मैच खेला था, जो उसने 20 रन से जीता था। दोनों टीमों का इस विश्वकप में यह पहला मैच होगा और दोनों की नजरें विजयी शुरुआत करने पर टिकी होंगी।
फिरोजशाह कोटला मैदान में आखिरी बार मैच 27 दिसंबर 2009 को भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया था लेकिन यह मैच पिच के खतरनाक होने के कारण रद्द कर देना पड़ा था, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इस मैदान पर दिसंबर 2010 तक के लिए 12 महीने का प्रतिबंध लगा दिया था।
यह मैच 23.3 ओवर बाद रद्द कर दिया गया था। मैच अधिकारियों का कहना था कि इस पिच पर असमान उछाल है जो बल्लेबाजों के लिए खतरनाक है। इस पूरे प्रकरण के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की मैदान एवं पिच समिति को बर्खास्त कर दिया गया था जिसके बाद डीडीसीए की पिच समिति ने भी इस्तीफा दे दिया था।
कोटला की पिच का नए सिरे से निर्माण किया गया और आईसीसी के पिच सलाहकार एंडी एटकिंसन ने कोटला का दौरा करने के बाद इस मैदान को इस वर्ष एक जनवरी से अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन करने के लिए मंजूरी दे दी। इसके साथ ही कोटला को लेकर चल रही सभी अनिश्चितताओं का अंत हो गया और विश्वकप के चार मैचों का रास्ता साफ हो गया।
दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) ने विश्वकप के मद्देनजर दो रणजी मैचों को कोटला को रोशनारा क्लब मैदान स्थानांतरित कर दिया था।
बीसीसीआई की मौजूदा मैदान एवं पिच समिति के अध्यक्ष वेंकटसुंदरम का कहना है कि इस बार पिच पर समान उछाल रहेगी और बल्ले और गेंद के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिलेगा। बरमूडा घास के कारण कोटला मैदान पूरी तरह हराभरा नजर आ रहा है।
सुंदरम ने बताया कि अमेरिका से हल्के किस्म के पाली विनाइल कवर मँगाए गए हैं जिन्हें आसानी से हटाया या लगाया जा सकता है। साथ ही केनोपी कवर्स भी हैं ताकि पिच में हल्की नमी को बनाए रखा जा सके। कोटला में नया ड्रेनेज सिस्टम भी लगाया गया है ताकि किसी अप्रिय स्थिति की सूरत में पानी को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।
कोटला में दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बीच गुरुवार को होने वाले मैच के अलावा 28 फरवरी को हॉलैंड और वेस्टइंडीज, सात मार्च को कनाडा और केन्या तथा नौ मार्च को भारत और हॉलैंड के ग्रुप मैच होने हैं। (वार्ता)