Publish Date: Sat, 26 Feb 2011 (19:31 IST)Updated Date: Sat, 26 Feb 2011 (19:30 IST)
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विश्वकप का कार्यक्रम कुछ ऐसा है कि दर्शकों को कुछ मैच नीरस लग सकते हैं। लेकिन अब तक खेले गए मैचों में बड़ी टीमों के बीच हुए कुछ मैच मजेदार भी रहे हैं। इस विश्वकप में भी बहुत सी टीमों में कई सगे भाई खेल रहे हैं पर एक अनोखी बात जो इस विश्वकप में दिख रही है कि अब तक खेले गए मैचों में बड़े मियाँ (बड़े भाई) से ज्यादा छोटे मियाँ (छोटे भाई) की धूम रही है। इन छोटे मियाँ के बल्ले से निकलने वाले चौके-छक्के मनोरंजन तो करते ही हैं साथ ही इनकी वजह से टीमें बड़ा स्कोर बनाने में सफल रही है।
कई टीमों में दो भाई अपनी टीम के लिए अहम भुमिका निभा रहे हैं। वेस्टइंडीज की टीम में ड्वायन ब्रावो और डेरेन ब्रावो है तो न्यूजीलैंड की टीम में ब्रेंडन मेक्कुलम और नाथन मेक्कुलम नजर आते हैं, आयरलैंड की टीम में नील ओब्रायन और केविन ओब्रायन शामिल हैं तो पाकिस्तान की टीम में अकमल ब्रदर्स है, इनमें कामरान अकमल बड़े है और उमर अकमल छोटे हैं। इनमें एक और बात समान है और वो यह की पाकिस्तान को छोड़कर हर टीम में दोनों भाईयों में से एक भाई ऑलराउंडर है।
इन टीमों के अब तक के मैचों पर नजर डाली जाए तो हर मैच में भाईयों की इन जोड़ियों ने दर्शकों का खासा मनोरंजन किया है लेकिन उसमें भी छोटे भाईयों का प्रदर्शन प्रभावी रहा है। न्यूजीलैंड की टीम में ब्रेंडन मेक्कुलम ने दो मैचों में आतिशी शुरुआत देने की कोशिश की लेकिन उनसे ज्यादा सफल छोटे भाई नाथन मेक्कुलम रहे जिन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से ही टीम में अहम योगदान दिया।
वेस्टइंडीज की टीम में ड्वैन ब्रावो ने शानदार पारी खेली लेकिन उनके छोटे भाई ने भी पूरा दम दिखाया और अपनी आक्रामक और सधी हुई बल्लेबाजी से एक बड़े स्कोर की नीव रखी यह बात अलग है की टीम के बाकी बल्लेबाज उसका फायदा नहीं उठा पाए, वैसे यहॉं एक बात और बता दे की डेरेन ब्रावो की तुलना वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा से की जाती है।
आयरलैंड की टीम में शामिल ओब्रायन ब्रदर्स ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और बांग्लोदश के खिलाफ अपने पहले मैच में दोनों ने ही टीम के लिए अहम योगदान दिया। बड़े भाई नील ओब्रायन ने जिम्मेदारी से देर तक बल्लेबाजी की और उनका साथ छोटे भाई केविन ओब्रायन ने दिया।
पाकिस्तान की टीम में अकमल ब्रदर्स ने भी अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया है लेकिन उमर अकमल ने केन्या के खिलाफ आक्रामक पारी खेली थी। वैसे तो इस टीम में दौनों ही भाई आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं लेकिन कामरान अकमल लंबे समय से टीम से बाहर होने की वजह से अपनी लय हासिल नहीं कर पा रहे हैं।
इन सभी मैचों में भले ही इन भाईयों के प्रदर्शन से पाकिस्तान के अलावा और किसी टीम को जीत नहीं मिल पाई हो लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता की इन्ही की बदौलत टीमें कठिन परिस्थितियों से उबर कर सम्मानजनक स्कोर बनाने में सफल रही, तो उम्मीद करें कि आने वाले मैचों में इन भाईयों से दर्शकों को शानदार मनोरंजन की सौगात मिल सकती है।