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टीम से खुश हैं पोंटिंग

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क्रिकेट विश्व कप 2011
गत तीन बार के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग ने टीम की तेज गेंदबाजों पर अत्यधिक निर्भरता की बात को खारिज करते हुए आज कहा कि टीम में तेज गेंदबाजों और स्पिन का संतुलन है।

पोंटिंग ने जिम्बाब्वे के खिलाफ सोमवार को यहाँ होने वाले ऑस्ट्रेलिया के पहले मैच की पूर्व संध्या पर कहा कि यह सच है कि अधिकांश टीमों के पास स्पिनरों की भरमार है। लेकिन हमारे पास तेज गेंदबाजी और स्पिन का संतुलन है। हमारे पास तीन तेज गेंदबाज हैं जो 90 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंक सकते हैं। साथ ही टीम के पास जेसन क्रेजा के रूप में एक विशेषज्ञ स्पिनर है।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ मैच जीतने वाली टीम इंडिया का संयोजन देखिए। इस मैच में भारत ने तीन तेज गेंदबाज और एक विशेषज्ञ स्पिनर उतारा था। सभी टीमों की लगभग ऐसी ही स्थिति है। बाकी टीमों और हममें यही अंतर है कि हमारे पास स्तरीय तेज गेंदबाज हैं।

विश्वकप में रिकॉर्ड 40वाँ मैच खेलने उतर रहे पोंटिंग ने कहा कि अगर हमारे गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी करते हैं तो फिर इस बात का कोई महत्व नहीं है कि पिच कैसी है। हमारे गेंदबाज विकेट लेने में सक्षम हैं और उनके आगे टिकना विपक्षी बल्लेबाजों के लिए काफी मुश्किल है।

उन्होंने भारत-बांग्लादेश मैच का उदाहरण देते हुए कहा कि इस मैच में भारत ने गेंदबाजी में युवराज सिंह और यूसुफ पठान को पार्टटाइम स्पिनर के रूप में आजमाया था। हमारे आलोचक इस बात को नजरअंदाज कर रहे हैं कि टीम के पास स्टीव स्मिथ, माइकल क्लार्क और डेविड हसी के रूप में अच्छे स्पिन गेंदबाज हैं। मैं इसी आधार पर कह रहा हूँ कि हमारे पास बेहद संतुलित टीम है।

अपना पाँचवाँ विश्वकप खेलने जा रहे पोंटिंग ने कहा कि जैसा कि टूर्नामेंट में अब तक हमने देखा है कि विकेट से स्पिनरों को ज्यादा मदद नहीं मिली है। इसमें कोई संदेह नहीं कि जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा ओस की भूमिका अहम होती जाएगी। लेकिन अधिकांश मैचों में स्पिनरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

ऑस्ट्रेलिया की टीम में भले ही एक ही विशेषज्ञ स्पिनर है लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम भारतीय उपमहाद्वीप की पिचों पर स्पिनरों की भूमिका को बखूबी जानती है। यही वजह है कि रविवार को टीम के बल्लेबाजों ने नेट पर अभ्यास के दौरान स्पिन गेंदबाजी पर ही अपना फोकस रखा। यहाँ तक कि तेज गेंदबाज मिशेल जानसन भी स्पिन गेंदबाजी करते नजर आए।

पोंटिंग ने कहा कि विश्वकप के अधिकांश टीमें पहले बल्लेबाजी करने के बजाय लक्ष्य का पीछा करने को प्राथमिकता दे रही हैं। उन्होंने कहा कि रात के समय ओस के कारण गेंद पर पकड़ कमजोर हो जाती है जिससे लक्ष्य का पीछा करना आसान होता है। ओस के कारण स्पिनर प्रभावित होते हैं और बल्लेबाजी करना आसान होता है।

ऑस्ट्रेलिया कप्तान ने भविष्य में वनडे विश्वकप में टीमों की संख्या घटाने के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हम सभी क्रिकेट का दुनियाभर में प्रसार चाहते हैं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि विश्वकप या चैंपियंस ट्रॉफी इसके लिए सही मंच है। इन टूर्नामेंटों में बुरी हार से कमजोर टीमों क्या सीखती हैं यह मेरी समझ से बाहर है।

उन्होंने कहा कि अगर विश्वकप में कम टीमें हिस्सा लेंगी तो यह बेहतर होगा। आखिर विश्वकप क्रिकेट का शिखर है। लेकिन साथ ही हम क्रिकेट के प्रसार की जिम्मेदारी को भी बखूबी समझते हैं। (वार्ता)

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