Publish Date: Sat, 26 Feb 2011 (12:37 IST)Updated Date: Sat, 26 Feb 2011 (12:37 IST)
PTI
मेरे पिछले 15 वर्षों के करियर के दौरान दक्षिण अफ्रीकी टीम को विभिन्न श्रेणियों में बाँटा जा सकता है लेकिन यह कहना उचित होगा कि स्पिन उसमें से एक नहीं होगी। यहाँ तक कि जब पॉल एडम्स अपने दिलचस्प एक्शन में सभी को लुभाते थे, तो उन्हें आक्रमण में विविधता की तरह ही आजमाया गया न कि एक विशेषज्ञ स्पिनर की तरह।
'इमी' ताहिर के लिए यह यादगार पदार्पण रहा, लेकिन उनके अलावा भी डेल स्टेन और एबी डीविलियर्स ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया। इन तीनों व्यक्तिगत प्रदर्शनों के अलावा भी एक बात महत्वपूर्ण रही, वह थी टीम में तीन विशेषज्ञ स्पिनरों का शामिल होना।
दक्षिण अफ्रीका ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी ताकत पर भरोसा करते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। पिछले कई वर्षों से हमारी ताकत तेज गेंदबाजी रही है और इसके इर्द-गिर्द ही हमने अपनी टेस्ट और वन-डे टीम बनाई है। लेकिन अब परिस्थितियाँ बदल चुकी है और हममें अपनी परंपरा को चुनौती देने की ताकत है।
हम अब अपने तीनों स्पिनरों पर भरोसा करते हैं। मैंने मैच से पहले भी कहा था कि हमारे पास ऐसे 15 खिलाड़ी हैं जिनके बीच अंतिम एकादश में स्थान बनाने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन स्पिनरों को शामिल करना हमारी रणनीति नहीं थी और हम प्रत्येक मैच से पहले अपनी अंतिम एकादश के बारे में विचार करेंगे।
वर्तमान फॉर्म को देखते हुए लोनवाबो सोत्सोबे को बाहर रखना कड़ा कदम हो सकता है लेकिन मुझे इसमें भी कोई शक नहीं है कि उन्हें जल्द ही मौका मिलेगा।
अंततः टीम का प्रदर्शन व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा महत्वपूर्ण है। मैं इमरान ताहिर से विशेषकर प्रभावित हुआ था। वे मैच के दौरान काफी रिलेक्स लग रहे थे और उन्होंने उसी तरह का प्रदर्शन किया जिस तरह से वे पिछले दस वर्षों से करते आए हैं।
मैंने उनसे शुरुआत के कुछ ओवर सजगता से गेंदबाजी करने की अपेक्षा की थी लेकिन उन्होंने वैसा ही किया जैसा की वे अभी तक करते आए हैं। हमारे लिए यह अच्छी शुरुआत रही लेकिन अभी काफी लंबा रास्ता तय करना है। -हॉकआई