यूसुफ पठान ने विज्ञापन ठुकराए
अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे हॉट खिलाड़ी यूसुफ पठान इस वर्ल्डकप में सर्वाधिक चर्चा में बने हुए हैं। वर्ल्डकप के
पहले मैच में भले ही पठान (8) अंतिम गेंद पर शफीउल द्वारा बोल्ड कर दिए गए हों, लेकिन इससे उनकी ब्रांड वैल्यू पर जरा भी फर्क नहीं पड़ा और आज भी कई विज्ञापन कंपनियाँ उनके दरवाजे पर लाइन लगाकर खड़ी हैं, लेकिन यूसुफ ने उन्हें विनम्रता से इनकार कर दिया।क्रिकेटर जहाँ लाखों करोड़ों के विज्ञापनों का अनुबंध कर रहे हों, ऐसे में भला यूसुफ पठान का विज्ञापन कंपनियों को इनकार करने की बात गले नहीं उतरती। आप कह सकते हैं कि यूसुफ पठान को पेश की गई रकम उनके कद के बराबर नहीं होगी, या फिर ये फरमा सकते हैं कि सितारा बनने के बाद यूसुफ के भी अन्य क्रिकेटरों की तरह कॉलर ऊँचे हो गए हैं। ये भी कहने से नहीं चूक सकते कि शोहरत की बुलंदियों ने इस विस्फोटक क्रिकेटर का दिमाग सातवें आसमान पर पहुँच गया है।लेकिन इन तमाम 'इफ और बट' पर मत जाइए क्योंकि हकीकत पता चलते ही आपके दिल में इस क्रिकेटर के प्रति सम्मान और बढ़ जाएगा। जिस तरह सिख लोगों को अपने केश पसंद रहते हैं और वे उन्हें नहीं कटवाते, उसी तरह मुस्लिम होने के नाते यूसुफ को अपनी दाढ़ी से भी उतना ही प्यार है, जितना कि क्रिकेट से।एक बड़ी कंपनी ने उन्हें अनुबंध के लिए बहुत मोटी रकम की पेशकश की, लेकिन साथ ही यह भी शर्त रख दी कि उन्हें विज्ञापन के लिए अपनी दाढ़ी कटवानी पड़ेगी ताकि विज्ञापन में उनके चेहरे को 'चॉकलेटी' बनाकर पेश किया जा सके। इस विज्ञापन कंपनी को यूसुफ ने साफ मनाकर दिया कि वे पैसों की खातिर दाढ़ी नहीं कटवाएँगे।आज के जमाने में क्रिकेटर जहाँ शराब तक के विज्ञापन (सचिन तेंडुलकर नहीं, उन्होंने शराब का विज्ञापन कभी न करने का वादा किया है) करने से गुरेज नहीं करते, चड्डी-बनियान से लेकर शीतल पेय तक के विज्ञापन अनुबंध स्वीकार कर लेते हैं, ऐसे में यूसुफ पठान द्वारा सिर्फ दाढ़ी न कटवाने की जिद पर विज्ञापन अस्वीकार कर देना, एक मिसाल कायम करने जैसा है। बहुत कम क्रिकेटर होंगे जो अपने धर्म के आगे रुपयों से भरी थैली को भी ठोकर मार देते होंगे। (वेबदुनिया न्यूज)