Publish Date: Thu, 27 Jan 2011 (11:33 IST)Updated Date: Thu, 27 Jan 2011 (11:32 IST)
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क्रिकेट किंवदंती मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर समकालीन बल्लेबाजों को किस हद तक पीछे छोड़ चुके हैं। इस बात का अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में अकेले सचिन के 46 शतक दुनिया की सभी टीमों पर भारी पड़ते हैं।
यूँ तो सचिन का नाम ही रिकॉर्डों का पर्याय बन गया है लेकिन यह अपने आप में अद्भुत है कि सचिन ने अकेले जितने वनडे शतक बनाए हैं। दुनिया की किसी टीम के सभी खिलाड़ी एकजुट होकर भी उस आँकड़े से आगे नहीं बढ़ पाए हैं।
भारतीय उपमहाद्वीप में 19 फरवरी से होने वाले 11वें विश्वकप क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए घोषित सभी 14 टीमों पर नजर डालें तो विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया एक मात्र ऐसी टीम है जिसके सभी खिलाड़ी मिलकर सचिन के 46 शतकों की बराबरी करते हैं। इनमें टीम के कप्तान रिकी पोंटिंग ने अकेले 28 शतकों का योगदान किया है।
वैसे सचिन दनादन शतक जड़ रहे हैं तो उनके शेष टीम साथी भी कम नहीं हैं। विश्वकप की 15 सदस्यीय टीम के सभी खिलाड़ियों को मिला दें तो भारत के खाते में कुल 95 शतक हैं। अर्थात् सचिन को छोड़कर भी 49 शतक टीम के हिस्से में हैं। यह आँकड़ा भी दुनिया के बाकी टीमों को कुल शतक संख्या के मामले में कहीं पीछे छोड़ता है।
विश्वकप की भारतीय टीम में सचिन के बाद विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग का स्थान है जिन्होंने 13 वनडे शतक जड़े हैं। तीसरे नंबर पर मौजूद हरफनमौला युवराजसिंह ने 12, ओपनर गौतम गंभीर ने नौ, कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने छह, युवा तुर्क विराट कोहली ने चार, ऑलराउंडर सुरेश रैना ने तीन और बेरहम बल्लेबाज यूसुफ पठान ने दो शतक जडे हैं। (वार्ता)