Publish Date: Sat, 14 Mar 2015 (20:43 IST)
Updated Date: Sat, 14 Mar 2015 (20:47 IST)
ऑकलैंड। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में अपना अंतिम मैच खेलने वाले जिम्बाब्वे के ब्रैंडन टेलर ने स्वीकार किया कि उन्हें टीम की लाल जर्सी और साथी खिलाड़ियों की कमी खलेगी जिनके साथ उन्होंने शीर्ष स्तर पर वर्षों तक खेल का लुत्फ उठाया।
टेलर ने आज यहां भारत के खिलाफ शतक बनाया, लेकिन क्रिकेट विश्व कप में उनके विदाई मैच में टीम को छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा।
टेलर ने जब यह पूछा गया कि उन्हें सबसे अधिक किस चीज की कमी खलेगी तो उन्होंने कहा, अपनी यह लाल शर्ट पहनना। प्रत्येक क्रिकेटर का सपना होता है कि वह अपने देश की जर्सी पहने। हम इसीलिए खेल खेलते हैं। हम भाग्यशाली हैं कि हम ऐसा कर पाए। निश्चित तौर पर मुझे इसकी कमी खलेगी।
भावुक होते हुए टेलर ने कहा, मुझे टीम के अपने साथियों की कमी खलेगी, हमारा एक-दूसरे के साथ भाईचारा, हम जिस अच्छे और बुरे दौर से गुजरे। मैं 11 साल तक टीम का हिस्सा रहा और कुछ भी नहीं बदला।
टेलर ने कहा कि भारत के कई खिलाड़ी क्षेत्ररक्षण की अपनी जगह छोड़कर 138 रन की अंतिम अंतरराष्ट्रीय पारी के लिए उन्हें बधाई देने आए, जिससे वे काफी प्रभावित हुए।
टेलर ने कहा, भारत के कुछ खिलाड़ियों का तरीका काफी अच्छा लगा। शिखर, विराट और सुरेश मेरे पास आए। यह मेरे लिए काफी भावनात्मक था। उन्हें यह करने की जरूरत नहीं थी। वे स्थापित खिलाड़ी हैं और उन्होंने यह काफी अच्छा किया। टीम के मेरे साथियों ने भी बधाई दी और मेरे योगदान के लिए धन्यवाद भी दिया।
टेलर से जब यह पूछा गया कि अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म होने पर वे कैसा महसूस कर रहे हैं तो उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर मैं दुखी हूं। इस टूर्नामेंट में हमने जिस तरह का प्रदर्शन किया उसकी निराशा है।
टेलर ने कहा, मैं अपने टीम के साथियों को कई साल के लिए छोड़कर जा रहा हूं, देश को छोड़कर जा रहा हूं जिसका दुख है। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा कि यह संभवत: उनके वनडे करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी थी लेकिन उन्होंने इसका लुत्फ नहीं उठाया क्योंकि जिम्बाब्वे ने मैच गंवा दिया। (भाषा)
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Updated Date: Sat, 14 Mar 2015 (20:47 IST)