Publish Date: Tue, 10 Mar 2015 (15:46 IST)
Updated Date: Tue, 10 Mar 2015 (15:52 IST)
हैमिल्टन। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विश्व कप में अब तक प्रत्येक मैच में विरोधी टीमों के सभी बल्लेबाजों को आउट करने के लिए गेंदबाजों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों ने चुनौती का अच्छी तरह से सामना किया है और वे वास्तव में अच्छी भूमिका निभा रहे हैं।
भारत ने आयरलैंड को हराकर विश्व कप में अपनी लगातार नौवीं जीत दर्ज की। इसके अलावा उसने विरोधी टीम को लगातार पांच मैचों में आउट करने का अनोखा रिकार्ड भी बनाया।
धोनी ने मैच के बाद कहा कि एक कोच ने मुझे इस बारे में (पांच मैचों में 50 विकेट) बताया। यह अच्छा आंकड़ा है। इसका मतलब है कि गेंदबाज वास्तव में अच्छी भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह आमूलचूल परिवर्तन है। उन्होंने वास्तव में चुनौती का अच्छी तरह से सामना किया। सिर्फ तीन तेज गेंदबाज ही नहीं बल्कि स्पिनरों ने भी अच्छी भूमिका निभाई। इसके अलावा जब भी हमने कामचलाऊ गेंदबाज आजमाए उन्होंने भी अच्छी गेंदबाजी की।
धोनी से पूछा गया कि वह विकेट के पीछे से अपने गेंदबाजों को क्या निर्देश देते हैं, 'कुछ अवसरों पर मैं उनसे कहता हूं कि मुझे ऐसा लग रहा है। विकेट के पीछे से मैं बल्लेबाज के शुरुआती मूवमेंट पता कर सकता हूं।
विश्व कप से पहले टेस्ट और वनडे में लचर प्रदर्शन के बाद अचानक बदलाव के बारे में धोनी ने कहा कि परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने से उन्हें मदद मिली।
शिखर धवन (100) और रोहित शर्मा (64) ने शतकीय साझेदारी निभाई, जिसे धोनी ने सोने पे सुहागा बताया। उन्होंने कहा कि दोनों ने एक साथ रन बनाए। दोनों ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। शुरू में मुझे लगा कि यह मुश्किल विकेट है लेकिन ओस के कारण बाद में यह बेहतर बन गया।
मैन ऑफ द मैच धवन ने कहा कि वह अभी अपने खेल का लुत्फ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने अपने खेल पर काफी काम किया। मैं तेजी और उछाल से सामंजस्य बिठा रहा हूं और अपने खेल का लुत्फ उठा रहा हूं। प्रत्येक ने यहां काफी समय बिताया है और टीम में बहुत अच्छा माहौल है।'
इस बीच आयरलैंड के कप्तान विलियम पोर्टरफील्ड ने इस बात को नकार दिया कि विश्व कप उन पर भावनात्मक रूप से भारी पड़ रहा है।
पोर्टरफील्ड ने कहा कि आयरलैंड अब पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी लीग मैच में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगा। उन्होंने कहा कि एडिलेड में होने वाले उस मैच के लिए मानसिक रूप से तरोताजा रहना जरूरी है। (भाषा)