Publish Date: Fri, 27 Mar 2015 (14:25 IST)
Updated Date: Fri, 27 Mar 2015 (14:50 IST)
सिडनी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने चेताया है कि मौजूदा सदस्यों को ताक पर रखकर खेल का विस्तार नहीं किया जा सकता, लेकिन कहा कि अधिकारी चाहते हैं कि खेल अमेरिका में खुद को स्थापित करे।
रिचर्ड्सन ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर गुरुवार को गत चैंपियन भारत पर ऑस्ट्रेलिया की जीत के बाद कहा कि मुझे लगता है कि हमारे बोर्ड की रणनीति में थोड़ा बदलाव आया है। हम ऐसे चरण से गुजर रहे हैं, जहां हम 44 सदस्यों से क्रिकेट खेलने वाले 106 सदस्य बनने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब हमने महसूस किया है कि विस्तार के लिए खुद को कमजोर नहीं कर दें। हमारे पास पूर्ण सदस्य (टेस्ट) देश हैं, जिम्बाब्वे इनमें से एक है, शायद वेस्टइंडीज भी जहां हमें सतर्क रहना होगा कि वे पीछे नहीं छूट जाएं तथा मुझे लगता है कि हमारा ध्यान मजबूत होने का प्रयास करने पर होना चाहिए।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व विकेटकीपर रिचर्ड्सन की इस टिप्पणी की आयरलैंड के बल्लेबाज एड जोयस ने आलोचना की है जिनकी एसोसिएट टीम ने पूल चरण में टेस्ट टीमों में शामिल वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे दोनों को हराया था।
जोयस ने ट्विटर पर लिखा कि खुद को कमजोर नहीं करें? यह रवैया क्रिकेट को सच्चा वैश्विक खेल बनाएगा। खून खौल रहा है। रिचर्ड्सन ने साथ ही इंग्लैंड में 2019 विश्व कप में टीमों की संख्या मौजूदा 14 से घटाकर 10 करने का भी समर्थन किया।
रिचर्ड्सन ने हालांकि अमेरिका में क्रिकेट को स्थापित करने का समर्थन करते हुए कहा कि अमेरिका एक ऐसे देश का उदाहरण है जिसमें काफी क्षमता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका में जिम्बाब्वे से अधिक खिलाड़ी क्रिकेट खेल रहे हैं और मुझे लगता है कि यह न्यूजीलैंड में खेल रहे खिलाड़ियों के काफी करीब है।
रिचर्ड्सन ने कहा कि अगर यूएई विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर सकता है तो ऐसा कोई कारण नहीं है कि अमेरिका नहीं कर सकता। अगले कुछ वर्षों में हमारी इस पर नजर रहेगी। (भाषा)