Publish Date: Sun, 15 Mar 2015 (20:17 IST)
Updated Date: Sun, 15 Mar 2015 (20:23 IST)
श्रीनगर। विश्व कप में भारत का अच्छा प्रदर्शन आम तौर पर कश्मीर में बल्ला बनाने वालों के लिए बहार लेकर आता है, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी की टीम के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के बावजूद इस बार बल्लों की मांग काफी कम है।
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के संगम में बल्ला निर्माण फैक्टरी के मालिक मंजूर अहमद ने कहा, किन्हीं कारणों से इस बार बाकी देश से क्रिकेट के बल्लों की अधिक मांग नहीं है। मंजूर ने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप में 2011 में हुए विश्व कप में जब भारतीय टीम ग्रुप चरण से आगे बढ़ी थी तो बल्लों के लिए काफी आर्डर आए थे।
उन्होंने कहा, आम तौर पर सेमीफाइनल चरण से पहले क्रिकेट के बल्लों के आर्डर आने बंद हो जाते हैं लेकिन 2011 में पाकिस्तान को हराकर फाइनल में जगह बनाने के बाद भी आर्डर आ रहे थे। एक अन्य बल्ला फैक्टरी के मालिक बशीर अहमद ने कहा कि कम मांग के पीछे का एकमात्र कारण यह हो सकता है कि पूरे देश में स्कूलों में वार्षिकपरीक्षाएं चल रही हैं।
उन्होंने कहा, शायद परीक्षा पर ध्यान देने के कारण क्रिकेट पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा, जितना दिया जाता है। बल्लों की मांग में कमी से घाटी के लगभग तीन लाख लोगों की जीविका पर खतरा पैदा हो गया है, जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस उद्योग से जुड़े हैं।
एक अन्य फैक्टरी मालिक नजीर अहमद ने कहा, अगर भारत अच्छा प्रदर्शन करता है तो मांग कहीं अधिक होती है। हालांकि आजकल फैक्टरी में उत्पादन नहीं के बराबर है। नजीर ने कहा कि अगर विश्व कप में भारतीय टीम के अच्छे प्रदर्शन से भी मांग नहीं बढ़ रही तो फिर आगामी दिनों में कश्मीर के बल्ला निर्माताओं को मुश्किल हालात का सामना करना पड़ेगा।
क्रिकेट के बल्लों की मांग पर पंजाब के खेल किट डीलरों का भी यही नजरिया है। वेस्टर्न कॉर्पोरेशन के मालिक इंद्रजीत सिंह ने जालंधर से कहा, इस बार मांग काफी कम है। हमारी टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है, फिर भी अधिक उत्साह नहीं है। (भाषा)
webdunia
Publish Date: Sun, 15 Mar 2015 (20:17 IST)
Updated Date: Sun, 15 Mar 2015 (20:23 IST)