Publish Date: Wed, 25 Mar 2015 (21:48 IST)
Updated Date: Wed, 25 Mar 2015 (21:51 IST)
सिडनी। विश्वकप टूर्नामेंट भले ही विदेशी जमीन पर हो रहा है लेकिन टीम इंडिया का उत्साह बढ़ाने के लिए भारतीय समर्थकों की कमी उसे अब तक नहीं खली है और न ही सिडनी में दूसरे सेमीफाइनल में खलेगी, जहां सिडनी क्रिकेट ग्राउंड(एससीजी) में भारतीय समर्थकों ने 70 प्रतिशत सीटें बुक करके स्टेडियम में नीला तूफान लाने की तैयारी कर ली है।
विश्वकप के आयोजकों ने जानकारी देते हुए बताया कि कुल 42000 की क्षमता वाले एससीजी स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को होने वाले सेमीफाइनल मैच के लिए 70 प्रतिशत टिकटें भारतीय समर्थकों को बेची जा चुकी है जबकि दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क और बल्लेबाज स्टीवन स्मिथ को ऑस्ट्रेलियाई समर्थकों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में स्टेडियम पहुंच टीम का मनोबल बढ़ाने की अपील करनी पड़ रही है।
इसलिए यह तो साफ है कि जहां टीम इंडिया अच्छा खेलकर अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, वहीं समर्थक देश और दुनिया के कोने-कोने से भारतीय टीम की हौंसला अफजाई के लिए पहुंचकर अपना समर्थन और प्यार लुटा रहे हैं। भले ही आयोजक इस बात से खुश हैं कि मुकाबला हाउस फुल है लेकिन भारतीयों के सिडनी को नीले रंग में रंगने की तैयारी से घरेलू टीम को ही अपने घर में समर्थन की कमी पड़ सकती है।
आयोजकों की मानें तो सिडनी गुरुवार को नीले रंग में नहाया दिखाई देगा। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान क्लार्क ने अपने समर्थकों से स्टेडियम को ‘गोल्डन’ करने की अपील की है। लेकिन मुकाबले से पहले ही ब्लू और गोल्डन की लड़ाई तो भारतीय जीतते दिख रहे हैं।
क्लार्क ने ट्वीट कर अपने समर्थकों से कहा 'मैं सभी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट लवर्स को कहना चाहता हूं कि गुरुवार को हमें आपके समर्थन की जरूरत है इसलिये बड़ी संख्या में पहुंचकर उसे गोल्डन कर दीजिये।' ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्मिथ ने कहा 'हम सिडनी वापस आ गए हैं। मैं भारत के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले का इंतजार नहीं कर सकता हूं। अब सिडनी को गोल्ड से भर दो।'
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच विश्व कप का दूसरा सेमीफाइनल अब तक का 'हाईवोल्टेज मुकाबला' माना जा रहा है, जिसमें फिलहाल दोनों टीमों के जीतने की संभावना लगभग बराबर बनी हुई है। एक ओर जहां ऑस्ट्रेलिया को घरेलू परिस्थतियों का फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है तो भारत के पास घरेलू समर्थकों की कोई कमी नहीं है। (वार्ता)