क्रिकेट वर्ल्ड कप के रोचक तथ्य

वर्ल्ड कप डेस्क  
 
- वर्ल्ड कप की शुरुआत 1975 में हुई थी। पहले वर्ल्ड कप में आठ टीमों के बीच में कुल 15 मैच हुए थे। 
- वर्ल्ड कप में न्यूट्र्ल अंपायर 1987 में पहली बार खड़ा किया गया। 
-  1987 में ओवरों की संख्या 60 से घटाकर 50 कर दी गई थी। इस वर्ल्ड कप की भारत और पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रुप से मेजबानी की गई थी और दोनों ही देशों में दिन में होने वाली रोशनी के कम समय के चलते यह निर्णय लिया गया था। 
- तीसरे अंपायर द्वारा निर्णय देने की शुरुआत 1992 में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुई श्रंखला के साथ हुई। 
- खिलाड़ियों के कपड़ो को उनके नाम सहित रंगीन 1992 में किया गया।
 

- वर्ल्ड कप में किसी मैच के अधूरे छूटने की शुरुआत 1996 में भारत और श्रीलंका के बीच कोलकाता में हुए मैच के साथ हुई जिसमें दर्शकों के एक समूह ने भारत को हारते हुए देखकर मैदान पर बोतलें फेंकना शुरू कर दिया था। 
- सन् 2003 में हुए वर्ल्ड कप में 14 टीमों ने आपस में 43 दिनों के दौरान 54 मैच खेले। 
 
- सचिन तेंदुलकर ऐसे पहले खिलाड़ी थे जिन्हें तीसरे अंपायर के निर्णय से रन आउट करार दिया गया था। 
- 2003 में शोएब अख्तर ने पहली बार क्रिकेट इतिहास की सर्वाधिक गति, जो कि 100 mph थी, से गेंद फेंकी थी। 
- सचिन तेंदुलकर वर्ल्ड कप में 8 बार मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार जीत चुके हैं। 
- रिकी पोटिंग ने वर्ल्ड कप में सर्वाधिक 46 मैच खेले हैं। 
- 1975 में खेले गए वर्ल्ड कप में पूर्व अफ्रीका की टीम भी शामिल थी। 
- 1979 के वर्ल्ड कप में पूर्व अफ्रीका के स्थान पर कनाडा की टीम ने हिस्सा लिया। 
 

- 1987 का वर्ल्ड कप के साथ ही वर्ल्ड कप का स्थान इंग्लैड से बदला। 1987 का वर्ल्ड कप भारत में हुआ था। 
- भारत ने 1983 के वर्ल्ड कप फाइनल में जीत दर्ज कर वेस्ट इंडीज के लगातार वर्ल्ड कप जीतने के सिलसिले को खत्म किया। 
- 1992 के वर्ल्ड कप में फील्डिंग के नियमों में बदलाव किए गए। इसमें पहले 15 ओवर तक केवल 2 खिलाड़ियों को रिंग के बाहर रहने की अनुमति दी गई। पहले कम से कम 4 खिलाड़ियों के रिंग में रहने का नियम था। 
 
- 1996 में श्रीलंका ने क्रिकेट में पहले 15 ओवरों में रनों की गति बढ़ाने की शुरुआत की। जिसका क्रिकेट के 20-20 पैटर्न में अनुसरण किया गया। 
 
- 2007 का वर्ल्ड कप अजीब संयोगो से भरा हुआ था जिसमें भारत और पाकिस्तान शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए थे। पाकिस्तानी कोच बॉब वूल्मर की रहस्यमय मौत को पाकिस्तान की आयरलैंड के हाथों अंचभित कर देने वाली हार के साथ जोड़ा गया। 
 
- 2007 का वर्ल्ड कप का फाइनल ऑस्ट्रेलिया की टीम ने एडम गिलक्रिस्ट के धुंआधार 149 रनों की पारी की मदद से जीता था। 
 
- 1992 के वर्ल्ड कप में बॉल का रंग लाल से बदलकर सफेद कर दिया गया था।
  
- ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज्यादा बार वर्ल्ड कप जीता है। 
 

- 2003 और 2007 के वर्ल्ड कप के दौरान ऑस्ट्रेलिया ने एक भी मैच नहीं हारा। 
- 2007 का वर्ल्ड कप फाइनल बारिश के कारण 50 ओवर से घटाकर 38 ओवर का कर दिया गया था। 
- 1996 का वर्ल्ड कप भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका में हुआ था और श्रीलंका वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला मेजबान बन गया।
- 1996 के वर्ल्ड कप में आस्ट्रेलिया और वेस्ट इंडीज की टीमों ने श्रीलंका में खेलने से मना कर दिया था जिससे श्रीलंका को दो मैचों में बिना खेले ही विजेता घोषित कर दिया गया। 
- 2011 का वर्ल्ड कप भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश के अलावा पाकिस्तान में भी होना था परंतु 2009 में श्रीलंका की टीम पर हुए हमले के कारण ICC  ने पाकिस्तान से मेजबानी छीन ली।
- 2011 के वर्ल्ड कप में युवराज सिंह ने लगातार चार मैचों में 'मैन ऑफ द मैच' का खिताब जीता था। 
- 2007 के वर्ल्ड कप में श्रीलंका के लसिथ मलिंगा लगातार चार गेंदो पर विकेट लेने वाले अकेले खिलाड़ी बने। 
 

- 1975 के वर्ल्ड कप के एक मैच में सुनील गावस्कर ने इंग्लैड के खिलाफ 174 गेंदो पर बिना आउट हुए 36 रन बनाए थे। इस मैच में भारत को इंग्लैड के 335 रनों का पीछा करना था। भारतीय टीम 60 ओवर के मैच में 132 रन 3 विकेट के नुकसान पर बना पाई थी। 
- 1992 के वर्ल्ड कप के साथ श्रीलंका ऐसी पहली टीम बनी जिसने 300 से ज्यादा रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दर्ज की। जिम्बाब्वे के साथ हुए इस मैच में श्रीलंका को 313 रनों का पीछा करना था। 
 
- हर्शल गिब्स अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होनें एक दिवसीय मैच में एक ओवर में 6 छक्के लगाए हैं। 2007 के वर्ल्ड कप में उन्होंने यह कीर्तिमान हॉलैंड के विरुद्ध बनाया था।
- मोहिन्दर अमरनाथ ने 1983, अरविंदा डी सिल्वा ने 1996 और शेन वार्न ने 1999 के वर्ल्ड कप में सेमी फाइनल और फाइनल मैचों में 'मैन ऑफ द मैच' का खिताब जीता था। 
- 1987 और 1999 के वर्ल्ड कप के एक मैच में भारत ऑस्ट्रेलिया से 1 रन से हारा था। 
- 1996 के एक मैच में केन्या ने वेस्ट इंडीज को हरा दिया था। यह जीत क्रिकेट जगत को अंचभित कर देने वाली थी क्योंकि केन्या टीम की इसके पहले कोई पहचान नही थी यहां तक की ब्रायन लारा के वर्ल्ड कप शुरू होने के पहले केन्या के एक क्रिकेटर को ऑटोग्राफ देने से तक मना कर दिया था। 
 
- दक्षिण अफ्रीका की नस्लीय भेदभाव वाली व्यवस्था के चलते, यह वर्ल्ड कप में 1992 से भाग ले पाया। 
 
- 2,278 रनों के साथ सचिन तेंदुलकर वर्ल्ड कप में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। 

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