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योग से रहें हरदम फ्रेश

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योग
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हरदम फ्रेश रहने के लिए शरीर और मन को योग सेहतमंद बनाया जाना जरूरी है। योग से शरीर को छरहरा बनाया जा सकता है। छरहरे शरीर में फ्रेशनेस बनी रहती है। इससे तनाव, थकान और आलस्य दूर होता है। छरहरा और लचीलापन आपके शरीर में उठ रहे हर तरह के दर्द को खत्म कर देता है।

छरहरेपन से शरीर ऊर्जावान बना रहता है। श्वास-प्रश्वास में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं आती। व्यक्ति अधिक फुर्तीला, शांत, लेकिन जोश में रहता है। शरीर में जो भी अवरुद्ध और अव्यवस्थित ऊर्जा है, वह मुक्त होकर संतुलन में आ जाती है और आप हमेशा ताजगी महसूस करते हैं।

कैसे होगा यह संभव- सर्वप्रथम तो अपना आहार बदलें। पानी का अधिकाधिक सेवन करें, ताजा फलों का रस, छाछ, आम का पना, जलजीरा, बेल का शर्बत आदि तरल पदार्थों को अपने भोजन में शामिल करें। ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, खीरा, संतरा तथा पुदीने का भरपूर सेवन करें तथा मसालेदार या तैलीय भोज्य पदार्थ से बचें। हो सके तो भोजन कम ही करें।

योगासन : प्रतिदिन सुबह सूर्य नमस्कार का अभ्यास करें। कपालभाति और भस्त्रिका के साथ ही अनुलोम-विलोम करें। खड़े होकर किए जाने वाले योगासनों में त्रिकोणासन, कटिचक्रासन, ताड़ासन, अर्धचंद्रासन और पादपश्चिमोत्तनासन करें।

बैठकर किए जाने वाले आसनों में उष्ट्रासन, अर्धमत्स्येंद्रासन, सिंहासन, समकोणासन, ब्रम्ह मुद्रा और भारद्वाजासन करें। लेटकर किए जाने वाले आसनों में नौकासन, विपरीत नौकासन, भुजंगासन, धनुरासन और हलासन करें। बंधों में जालंधर और उड्डियान बंध का अभ्यास करें।

चयन : ज्यादा अच्छा होगा कि आप शुरुआत में सिर्फ सूर्य नमस्कार और प्राणायाम का ही अभ्यास करें। फिर उपरोक्त में से कम से कम तीन आसनों का चयन कर उनका नियमित अभ्यास करें। सिर्फ दो माह में परिणाम आपके सामने होगा।

इसका लाभ : छरहरे व लचीले शरीर के लाभ यह हैं कि आप सदा स्वस्थ तथा ऊर्जावान बने रहेंगे। बुढ़ापा आपसे कोसों दूर रहेगा। इन्हें करने से मोटापा दूर होगा। शरीर की फालतू चर्बी कम होकर शरीर हलका-फुलका हो जाएगा। पाचन तंत्र संबंधी रोग दूर होंगे। गर्दन, फेफड़े तथा पसलियों की माँसपेशियाँ सशक्त होंगी आदि।

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