भाई आजकल सच में जमाना बड़ा टेक्निकल हो गया है। ऊपर से गुगल महाराज की कृपा तो है ही। कॉलेज का असाइन्मेंट बनाना हो या और कोई जानकारी चाहिए हो बस गुगल सर्च मारा और चंद सेकंड में मिल गई सारी जानकारी। गुगल महाराज सब जानते हैं, पर इनके चक्कर में हम जितना जानते थे, वह भी भूल गए हैं। याद रखने की जरूरत भी क्या है, उसके लिए गुगल जो है। आगे पढ़िए माजरा अपने आप समझ आ जाएगा।
प्रश्न : मध्यप्रदेश के राज्यपाल का नाम क्या है?
1 रामनरेश यादव, 2 लालू यादव, 3 सुभाष यादव, 4 मुलायमसिंह यादव
सबसे पहले हमने बात की नवीन बिरथरे से। वे एमसीए के विद्यार्थी हैं। प्रश्न सुनने के बाद यह इधर-उधर ताँकते हुए जवाब तलाश करने लगे। फिर हमने इन्हें ऑप्शन बताए। ऑप्शन सुनते ही इन्होंने तुरंत उत्तर दिया रामनरेश यादव। (क्यों) क्योंकि बाकी तीनों मैं जानता हूँ। वे राज्यपाल नहीं हैं तो रामनरेश ही होंगे। सोचे-समझे तुक्के ने आपकी बत्ती जला दी दोस्त।
थोड़ी ही दूर पर हमें बाइक पर बैठे मिले देवराजसिंह राणा। प्रश्न सुन कर इन्होंने कहा- मुलायम तो सेन्ट्रल में है और लालू यादव रेलवे मिनिस्टर है (अच्छा?), सुभाष यादव का नाम नहीं सुना तो फर्स्ट वाला ऑप्शन ही होना चाहिए। रामनरेश यादव? हाँ उन्हीं का ज्यादा लग रहा है। (वाह!) किस्मत के बड़े धनी हैं। आप इतनी गलत जानकारी के बावजूद सही जवाब दिया।
अब हमने बात की पूजा बिरला से। अपने दोस्त की बात से सहमत होकर इन्होंने भी उनके सुर में सुर मिला कर रामनरेश यादव का ही नाम लिया। हमने इन्हें अपने उत्तर से हिलाने का खूब प्रयास किया, पर यह डटी रहीं और कहने लगी मुझे पता है बाकी तीनों राज्यपाल नहीं हैं। इसलिए रामनरेश यादव ही सही जवाब है। इनकी बत्ती भी जल ही गई। बधाई हो !
इन्हीं के पास बैठे थे इनके दोस्त अनुपम दुबे। पहले तो यह बत्ती गुल का हिस्सा बनने को राजी नहीं थे, क्योंकि इनका सामान्य ज्ञान जरा कमजोर है, पर जब तक हम इनके दोस्त से बात कर रहे थे, इन्होंने अपने मोबाइल पर गुगल सर्च मार कर सही उत्तर जान लिया और तपाक से बोल पड़े रामनरेश यादव हैं मध्यप्रदेश के राज्यपाल। (मान गए आपको, चलो बढ़िया है।)
इसके बाद सौम्या बाजपेयी से हमने सवाल पूछा। पहले तो इन्होंने भी दोस्तों की बात सुनकर रामनरेश यादव का नाम लिया था, परंतु थोड़ा-सा कन्फ्यूज करने पर इन्होंने कहा कि लालू यादव तो नहीं हैं, मुलायम सिंह भी नहीं हैं। (अरे हमने यह नहीं पूछा कि कौन-कौन राज्यपाल नहीं हैं) मुझे लगता है कि सेकंड वाला होगा, अअ... सुभाष यादव। लो जी हो गई बत्ती गुल। दोस्तों रामनरेश यादव ही प्रदेश के नए राज्यपाल हैं। उन्होंने 26 अगस्त को अपना पदभार संभाला है। जिनकी बत्ती जल गई, वे सभी बधाई के पात्र तो हैं, पर दोस्तों कम्प्यूटर की हार्डडिस्क के साथ दिमाग में भी कुछ डाटा स्टोर करना जरूरी है।