यह बॉलीवुड का सौभाग्य है कि उसे हमेशा ऐसे डायरेक्टर्स मिलते रहे हैं,
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जिसके कारण वह अपने पर थोड़ा गर्व कर सकता है। इसमें बिमल राय से लेकर अनुराग कश्यप तक एक छोटी लिस्ट बनाई जा सकती है। इसी तरह यह भी बॉलीवुड का सौभाग्य रहा है कि उसे हमेशा ऐसी एक्ट्रेसेस मिलती रही हैं, जिस पर वह गर्व कर सकता है। इसमें नूतन से लेकर माही गिल तक की एक लिस्ट बनाई जा सकती है। यही कारण है कि बॉलीवुड में बढ़ती फूहड़ता के बीच ये डायरेक्टर्स और एक्ट्रेसेस अपनी खुशबू और अपनी सार्थक उपस्थिति से वे मौके मुहैया कराते हैं, जब हम अपना सीना फूला सकते हैं।
ये डायरेक्टर्स अपने लिए हमेशा ऐसी ही एक्ट्रेसेस चुनते रहे हैं और बताते रहे हैं कि एक अच्छे और सुलझे हुए डायरेक्टर्स कैसे एक गैर पारंपरिक एक्ट्रेसेस से बेहतर काम करा सकते हैं। इनमें एक्ट्रेस माही गिल और डायरेक्टर अनुराग कश्यप का नाम लिया जा सकता है। पंजाबी फिल्मों से अपना करियर शुरू करने वाली माही गिल को अनुराग कश्यप ने अपनी फिल्म देव डी के लिए चुना। माही गिल ने न अनुराग को निराश किया और न ही दर्शकों को। उन्होंने इस फिल्म में एक बहुत बोल्ड, चोट खाई और एक बहुत ही प्रेमिल आधुनिक पारो का किरदार जिस अंदाज से जिया, उससे यह साफ जाहिर होता है कि बॉलीवुड के फिल्मी परदे पर एक नई एक्ट्रेस का उदय हुआ है। माही ने दुःख और दया को, आवेग और आक्रोश को, हताशा और हवस को और अंततः प्रेम और पागलपन को जिस तरह से अपनी कल्पनाशीलता और संवेदनशील अभिनय क्षमता से जीवंत किया था, वह यादगार बन पड़ा है।
यहाँ तक कि फिल्म दबंग के अपने छोटे से रोल में वे यह खूबसूरती से जता चुकी हैं कि एक अच्छी एक्ट्रेस के लिए छोटा-बड़ा रोल उतना मायने नहीं रखता जितना यह कि वह उसे किस तरह से निभाती है। अनुराग कश्यप की ही फिल्म गुलाल इसका अच्छा उदाहरण हो सकती है, लेकिन माही ने रामगोपाल वर्मा की फिल्म नॉट ए लव स्टोरी में जो रोल किया, वह उन्हें बोल्ड एंड ब्यूटीफुल एक्ट्रेस साबित करता है। अब वे साहब, बीवी और गैंगस्टर में अभिनय कर चुकी हैं। दर्शक निश्चित ही इस फिल्म में माही के अभिनय के एक दूसरे आयाम से परिचित हुए हैं।