कंगना रानावत ने अपनी पहली फिल्म से साबित कर दिया था कि उनमें अभिनय की कितनी खरी खनक है। तब से लेकर तनु वेड्स मनु में दर्शक उनके अभिनय की संभावनाओं को देख चुके हैं। अब वे फिर एक कॉमेडी फिल्म में अभिनय करती दिखाई देंगी।
बॉलीवुड में यह अजीब परंपरा है कि कोई अभिनेता या अभिनेत्री किसी खास किरदार को निभाकर शोहरत हासिल कर लेता/लेती है तो फिर उन्हें उसी तरह के रोल मिलना शुरू हो जाते हैं। इससे एक नुकसान यह होता है कि उस अभिनेता या अभिनेत्री की अभिनय संभावनाएँ सीमित हो जाती हैं। मिसाल के तौर पर प्रतिभाशाली अभिनेत्री कंगना रानावत को लिया जा सकता है।
उनकी पिछली फिल्म 'तनु वेड्स मनु' एक रोमांटिक कॉमेडी थी। इसमें कंगना ने जता दिया था कि वे कॉमेडी भी सहज तरीके से कर सकती हैं और उनकी टाइमिंग भी गजब की है। इस फिल्म के हिट होने के बाद कंगना को फिर कॉमेडी रोल मिला है। वे अजय देवगन और संजय दत्त की फिल्म रास्कल्स में फिर कॉमेडी करती दिखाई देंगी।
अपनी पहली ही फिल्म गैंगस्टर से कंगना ने एक जटिल रोल निभाकर बता दिया था कि उनमें अभिनय की कितनी संभावनाएँ हैं। हालाँकि वे दिल्ली में अस्मिता थिएटर ग्रुप में कुछ नाटक कर चुकी थीं और अरविंद गौड़ जैसे नाट्य निर्देशक के साथ काम कर अपनी अभिनय संभावनाएँ उजागर कर चुकी थीं। उन्हें सबसे पहले अनुराग बसु ने मुंबई में एक कैफे में देखा था और उन्हें गैगस्टर के लिए चुन लिया था। इसके बाद लाइफ इन मेट्रो में काम किया। राज, वादा रहा जैसी फिल्मों में उन्होंने काम किया, लेकिन फैशन में उन्होंने एक महत्वाकांक्षी मॉडल का रोल निभाकर प्रियंका चोपड़ा से बेहतर अभिनय करके दिखा दिया था।
इस रोल के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग रोल का फिल्म फेयर अवॉर्ड और इसी फिल्म के लिए बेस्ट सपोर्टिंग रोल के लिए नेशनल अवॉर्ड भी मिला। वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई में उन्होंने जो रोल किया, वह उनकी अभिनय संभावनाओं को बेहतर ढंग से रेखांकित करता है, लेकिन तनु वेड्स मनु के बाद उन्हें फिर कॉमेडी रोल मिला है। हालाँकि वे कॉमेडी भी कर लेती हैं, लेकिन यदि उन्हें एक ही ढर्रे पर चलने के बार-बार मौके मिलते रहेंगे तो उनके फैन्स उनके अभिनय के तमाम पक्षों को शायद नहीं देख पाएँगे।