Publish Date: Mon, 21 Feb 2022 (13:10 IST)
Updated Date: Tue, 07 Jun 2022 (16:09 IST)
क्या आप जानते हैं कि आजादी के पहले भी चुनाव होते थे.. जी हां, यह सच है, आजादी के पहले भी चुनाव होते थे। हालांकि यह भी सच है कि उस समय हर किसी को अपना वोट देने का अधिकार नहीं था, बल्कि कुछ खास लोग ही इस मतदान में शामिल होते थे। आइए, जानते हैं आजादी के पहले कैसे होता था चुनाव...
वैसे देश का संविधान साल 1950 से लागू हुआ और साल 1952 से चुनाव होना शुरू हुए, जिसमें लोकतंत्र के तहत सभी को मतदान करने का अधिकार दिया गया, लेकिन उसके पूर्व यानी कि आजादी से पहले भी चुनाव होते थे।
सन् 1857 के बाद लोकल सेल्फ गवर्नमेंट पॉलिसी अंग्रेजों ने पारित की, जो 1884 में पूरी तरह से लागू हो गई, जबकि 1909 में इलेक्शन एक्ट पारित हुआ। उसके बाद इलेक्शन शुरू हुए। उस वक्त की मतदाता सूची में 50 लोगों के नाम होते थे।
लेकिन उस समय चुनाव में हर किसी को अपना वोट देने का अधिकार नहीं था, बल्कि कुछ खास लोग ही जो ईस्ट इंडिया कंपनी को टैक्स अदा किया करते थे, ऐसे जमीदारों और साहूकार लोगों को ही वोट डालने का अधिकार था।
इसी सूची में शामिल लोग मतदाता होते थे और उन्हीं लोगों में से 4 लोग चुनाव उम्मीदवार होते थे। बाद में यही लोग चुनाव जीतकर इलाके के विकास के लिए कार्य करते थे।(सांकेतिक फोटो)