Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

गुरुवार के देवता कौन-कौनसे हैं, जानिए

webdunia

अनिरुद्ध जोशी

रविवार और गुरुवार को हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र वार माना जाता है। हर वार के अपने खास देवता होते हैं और उस वार को उन देवताओं की पूजा करने से वे प्रसन्न होते हैं। आओ जानते हैं कि गुरुवार के कौन-कौनसे देवता हैं।
 
 
1. शिव के मंदिर में सोमवार, विष्णु के मंदिर में रविवार, हनुमान के मंदिर में मंगलवार, शनि के मंदिर में शनिवार और दुर्गा के मंदिर में बुधवार और काली व लक्ष्मी के मंदिर में शुक्रवार को जाने का उल्लेख मिलता है और गुरुवार को गुरुओं का वार माना गया है। इस दिन सभी गुरुओं के समाधि मंदिर में जाने का महत्व है।
 
2. ज्योतिष के अनुसार गुरुवार या गुरु ग्रह का संबंध महर्षि बृहस्पति और भगवान दत्तात्रेय से है परंतु लाल किताब के अनुसार भगवान ब्रह्मा इसके देवता हैं।
 
 
3. रविवार की दिशा पूर्व है किंतु गुरुवार की दिशा ईशान है। ईशान में शिवजी का वास है। ईशान में ही सभी देवताओं का स्थान माना गया है। अत: गुरुवार को सभी देवी और देवताओं की पूजा का विधान है। अत: सभी को प्रत्येक गुरुवार को मंदिर जाना चाहिए और पूजा, प्रार्थना या ध्यान करना चाहिए।
 
4. गुरुवार को आप अपने ईष्टदेव की पूजा भी कर सकते हैं।
 
 
5. गुरुवार को पीपल की पूजा का विधान है। पीपल में साक्षात भगवान विष्णु और लक्ष्मी विराजमान रहते हैं। अत: इस वार को दोनों की ही पूजा का विधान भी है।
 
6. सोमवार के बाद गुरुवार भी पितृदेव का वार माना गया है। इस दिन पितृदोष से मुक्ति के उपाय किए जाते हैं।
 
7. कुछ शास्त्रों के अनुसार इस दिन मां सरस्वती की पूजा भी की जाती है।
 
 
अत: यह सिद्ध हुआ कि गुरुवार को आप बृहस्पति देव, श्रीहरि विष्णु, माता लक्ष्मी, माता सरस्वती, भगवान दत्तात्रेय, भगवान शिव, ब्रह्मा, पीपल देव, पितृदेव और आप अपने किसी ईष्ट देव या देवी की पूजा कर सकते हैं। यह दिन आपने ईष्टदेव की पूजा का सबसे उत्तम दिन होता है। ईष्ट देवता अर्थात आप जिसे भी मानते या पूजते हो।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

वैशाख पूर्णिमा : जानिए आज किन 5 देवताओं की पूजा करें