Publish Date: Sat, 24 May 2025 (16:04 IST)
Updated Date: Sat, 24 May 2025 (16:23 IST)
What is nautapa in hindi: सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों के लिए आता है तो उन पंद्रह दिनों के पहले नौ दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं। इन्हीं शुरुआती नौ दिनों को नौतपा के नाम से जाना जाता है। इस पर 9 दिनों का यह नौतपा 25 मई 2025 से प्रारंभ होकर 2 जून को समाप्त होगा। इन नौ दिनों को तेज गर्मी होने जरूरी है, यानि इसका तपना जरूरी है।
नौतपा क्यों ज्यादा तपता है?
यदि इन नौ दिनों में किसी भी प्रकार से बारिश न हो और न ही ठंठी हवा चले तो यह माना जाता है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी। सूर्य 12 राशियों 27 नक्षत्रों में भ्रमण करता है। सूर्य कुंडली में जिस भी ग्रह के साथ बैठता है तो उसके प्रभाव को अस्त कर देता है। रोहिणी नक्षत्र का अधिपति ग्रह चंद्रमा होता है। ऐसे में जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तो वह चंद्र की शीतलता के प्रभाव पूर्णत: समाप्त करके ताप बढ़ा देता है। यानी पृथ्वी को शीतलता प्राप्त नहीं हो पाती। इस कारण ताप अधिक बढ़ जाता है।
नौतपा नहीं तपा तो क्या होगा?
यदि इन नौ दिनों पर देश में 40 प्रतिशत से अधिक स्थानों पर बारिश होती है या ठंडी हवाएं चलती है तो फिर इसकी गारंटी नहीं है कि बारिश के दिनों में अच्छी बारिश होगी। नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधी पृथ्वी पर आती जिसके चलते तापमान बढ़ता है। इस अधिक तापमान के कारण मैदानी क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है जो समुद्र की लहरों को आकर्षित करता है। इस कारण कई जगहों पर ठंडी, तूफान और बारिश जैसे आसार भी नजर आने लगते हैं। बस इस दौरान हवाएं भले ही चलें लेकिन बारिश नहीं होना चाहिए तो फिर बारिश का सिस्टम अच्छे से बन जाता है। जैसे कहते हैं कि अच्छे से पका हुआ भोजन ही स्वाद देता है बस कुछ इसी तरह का मामला होता है।