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18 महीने बाद केतु और राहु का राशि परिवर्तन, होगा हर राशि पर बड़ा असर

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बुधवार, 26 जनवरी 2022 (01:49 IST)
Ketu raahu Transit 2022: राहु 12 अप्रैल 2022 को सुबह 10:36 बजे वृषभ राशि से मेष राशि में गोचर करेगा। राहु और केतु एक साथ किसी भी राशि में परिवर्तन करते हैं। इस वर्ष केतु वृश्चिक राशि से 12 अप्रैल, 2022 को सुबह 10 बजकर 36 मिनट पर तुला राशि में गोचर करेगा। राहु और केतु हमेशा वक्री चाल ही चलते हैं। वक्री अर्थात उल्टी चाल में ही वह भ्रमण करता है। शनि ग्रह की तरह ही राहु बहुत धीमी गति से भ्रमण करता है। यह एक राशि में करीब 1.5 रहता है। इस बार 18 माह बार यह राशि परिवर्तन करेंगे।
 
 
राहु और केतु का असर : मेष, वृषभ, मकर और धनु के लिए राहु केतु का गोचर शुभ नहीं है जबकि मिथुन, कर्क, तुला और वृश्चिक के लिए यह शुभ होगा। बाकि के लिए सामान्य रहेगा।
 
 
1. मेष : केतु जब तक वृश्‍चिक में रहेगा तब तक यह आपके जीवन में थोड़ी परेशानी ला सकता है। पैर में चोट और पेट संबंधी समस्या हो सकती है। यह धन की हानि भी करेगा। हालांकि यह किसी प्रकार के ज्ञान में रुचि बढ़ाएगा। अप्रैल के बाद यह आपकी राशि 7वें भाव में गोचर करेगा तब साझेदारी के कोई कार्य करवाएगा, जिसमें धोखा होने की संभावना है। यह सेहत पर भी असर डालेगा। जैसे पीठ और पैरों में दर्द होना।
 
मेष राशि के जातकों के लिए अप्रैल माह 2022 में राहु लग्न राशि के दूसरे भाव से निकलकर पहले में गोचर करेगा।  ऐसे में आपको अपमान या अचानक किसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा यहां स्थित राहु रोग और दुःख भी देता है। यह आपके जीवन के हर क्षेत्र में उथल-पुथल मचा देगा। 
 
2. वृषभ : केतु जब तक वृश्‍चिक में है दांपत्य जीवन में उधल पुथल मचाएगा। यात्रा के योग बनाएगा और साझेदारी के व्यवसाय में हानि देगा। फिर जब यह आपकी राशि के 6ठे भाव में गोचर करेगा तब शत्रुओं पर विजयी और कार्य में सफलता दिलाएगा। किसी पुराने रोग से छुटकारा भी मिलेगा। करियर में सफलता के योग बनाएगा। हालांकि आपको घटना-दुर्घटना से बचना होगा।
 
राहु आपकी राशि के लग्न भाव में गोचर कर रहे हैं जो अशुभ माना जाता है। इसके बाद राहु 12वें भाव में गोचर करेगा तो खर्चें बड़ा देगा और सेहत को बिगाड़ देगा। 
 
3. मिथुन : केतु जब तक वृश्‍चिक में रहेगा तब तक यह हर क्षेत्र में सफलता देगा। किसी पुराने रोग से छुटकारा मिलेगा। फिर जब अप्रैल में राशि परिवर्तन कर पांचवें भाव में गोचर करेगा तब आपके रिश्तों में यह नकारात्मक असर डालेगा। छात्रों के लिए भी यह गोचर सही नहीं है। करियर में नुकसान हो सकता है। हालांकि शोधार्थियों के लिए यह गोचर शुभ है। सेहत के दृष्टिकोण से यह पाचन तंत्र खराब कर सकता है। किसी प्रकार की एलर्जी हो सकती है।
 
राहु आपकी राशि के 12वें भाव से 11वें भाव में जब गोचर करेगा तब आपको अचानक से धन की प्राप्ति होने के योग बनेंगे। नौकरीपेशा हैं तो वेतन में वृद्धि होगी और व्यपारी हैं तो मुनाफा होगा। आय के साधन बढ़ेंगे आपकी के लिए राहु का गोचर शुभ साबित होगा।
 
4. कर्क : केतु जब तक वृश्‍चिक में रहेगा तब तक सीखने की लगन रहेगी। शोध का कोई कार्य है तो उसमें सफलता मिलेगी। किसी के साथ रिलेशन में हैं तो सतर्क रहें क्योंकि धोखा हो सकता है। फिर जब अप्रैल में चतुर्थ भाव में केतु गोचर करेगा तो छात्रों के लिए शुभ नहीं रहेगा। करियर में भी नुकसान देगा। घर का माहौल भी खराब कर देगा। कहीं पर भी निवेश करने से बचें या सोच समझकर ही निवेश करे। सेहत का विशेष ध्यान रखें।
 
राहु आपकी राशि के 11वें भाव से निकलकर 10वें भाव में प्रवेश करेगा। ऐसे में आपकी सुख-सुविधाओं का विस्तार होगा। आर्थिक स्थित मजबूत होगी। हालांकि यदि आप नौकरी करते हैं तो कार्यस्थल पर आपको अपने दुश्मनों से सावधान रहना होगा। व्यापारियों का मुनाफा बढ़ेगा।
 
5. सिंह : केतु जब तक वृश्‍चिक में रहेगा तब तक आपको शांतिपूर्वक रहना चाहिए क्योंकि यह परिवार में खुशी को खत्म कर सकता है। माता की सेहत को बिगाड़ सकता है। निवेश सोच समझकर करें। फिर जब केतु आपकी राशि के तीसरे भाव में गोचर करेगा तब आपकी कुछ समस्याओं का समाधान होगा। आप अपने लक्ष्य की पूर्ति कर पाएंगे। परिवार का माहौल अच्छा होगा और कार्य स्थल पर भी उन्नती होगी।
 
राहु आपके नौवें भाव में स्थित रहेगा। इस दौरान परिवार में मतभेद हो सकते हैं। यात्राओं पर अधिक खर्च होगा। भाग्य का साथ नहीं मिलेगा। नौकरी और व्यापार में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और अधिक संघर्ष करना पड़ सकता है।
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6. कन्या : केतु जब तक वृश्‍चिक में रहेगा तब तक आपके पराक्रम में गति रहेगी। परिवार, अर्थ और सेहत की दृष्‍टि से यह गोचर शुभ रहेगा। नौकरी और व्यापार में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। फिर जब केतु आपकी राशि के दूसरे भाव में गोचर करेगा तब आपके खर्चे बढ़ा देगा। गले में संक्रमण हो सकता है। परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है। यात्रा के योग बनाएगा। हालांकि नौकरी और व्यापार पर इसका कोई खास असर नहीं होगा।
 
राहु आपके आठवें भाव में गोचर करेगा। इस अवधि के दौरान आपकी रुचि गूढ़ रहस्यों बढ़ सकती है। व्यापार और नौकरी में कठिन परिश्रम करना होगा। सेहत का ध्यान रखना होगा।
 
7. तुला : केतु जब तक वृश्‍चिक में रहेगा तब तक आपके लिए यह अनुकूल समय नहीं है। आपको यंत्र, मंत्र और तंत्र या किसी गूढ़ रहस्यम विद्या से बचकर रहना चाहिए। यह आपके रिश्ते खराब कर देगा। आपको एकांत प्रिय बना देगा। फिर जब केतु आपकी राशि के पहले भाव में गोचर करेगा तब आपको यह चिंतनशील बना देगा। आपके मन में कई तरह की योजनाएं बनेगी। नौकरी और व्यापार में सफलता अर्जित कर सकते हैं।
 
राहु आपकी राशि के आठवें भाव से निकलकर सातवें भाव में प्रवेश करेगा। इस गोचर से अचानक से धन प्राप्ति हो सकती है। नौकरी में परिवर्तन हो सकता है। व्यपार में नई रणनीति बनने की संभावना है। यात्रा के योग बन रहे हैं। दांपत्य जीवन में सतर्क रहने की जरूरत है। 
 
8. वृश्चिक : केतु जब तक वृश्‍चिक में रहेगा तब तक आप खोये खोये से रहेंगे। स्मरण शक्ति कमजोर हो सकती है। छात्रों को परेशानी उठाना पड़ सकती है। नौकरी और व्यपार में हालत सामान्य रहेंगे। इसके बाद फिर जब केतु आपकी राशि के 12वें भाव में गोचर करेगा तब यह स्थिति को बेहतर बना देगा। धार्मिक यात्रा के योग बनाएगा।
 
राहु आपकी राशि के सातवें भाव से निकलकर छठे भाव में प्रवेश करेगा। इस गोचर से नौकरीपेशा हैं तो पदोन्नति होने की संभावना है और व्यापारी हैं तो लाभ प्राप्त होगा। करियर की दृष्टि से यह गोचर शुभ है। आपको सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा।
 
9. धनु : केतु जब तक वृश्‍चिक में रहेगा तब तक समय आपके अनुकल रहेगा। लंबी यात्रा के योग बने रहेंगे। अध्यात्म की ओर झुकाव रहेगा। व्यर्थ के खर्च भी होंगे। फिर जब केतु आपकी राश के ग्यारहवें भाव में गोचर करेगा तब यदि आप व्याकारी हैं तो आपकी आमदनी में उथल-पुथल होगी। आपको शेयर बाज़ार, स्टॉक मार्केट इत्यादि जोखिम वाले कार्यों से बचना होगा। हालांकि नौकरी में हालात सामान्य रहेंगे। रिश्तों में वाद विवाद होगा।
 
आपकी राशि में राहु छठे के बाद अप्रैल 2022 में पंचम भाव में प्रवेश करेगा। इस भाव में राहु आय और व्यापार में तो शुभ फल प्रदान करता है लेकिन प्रेम संबंधों, परिवार, बच्चों और शेयर बाजार आदि कार्यों के लिए अच्छा नहीं होता है।
 
10. मकर : केतु जब तक वृश्‍चिक में रहेगा तब तक आर्थिक रूप से यह समय सही नहीं रहेगा। मित्रों और बड़े भाई-बहनों से संबंध बिगाड़ देगा। इसके बाद अप्रैल के महीने में केतु जब आपकी राशि के दसवें भाव में गोचर करेगा तब आपमें कार्य के प्रति जुनून पैदा करेगा। इसके चलते नौकरी या व्यापार में लाभ मिलेगा। हालांकि आपको अपने सहकर्मियों के साथ व्यवहार को सही रखना होगा।
 
राहु आपकी राशि में अगले वर्ष अप्रैल में चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। यह समय करियर, नौकरी, जमीन-जायदाद और माता की सेहत के लिए अच्छा नहीं होगा। राहु के प्रभाव से जॉब और प्रॉपर्टी समेत अन्य मामलों में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
 
11. कुंभ : केतु जब तक वृश्‍चिक में रहेगा तब तक यह कामयाबी हासिल करने में मदद करेगा, लेकिन यह सहकर्मियों से संबंध को बिगाड़ सकता है। अत: आपके इस मामले में सतर्क रहना होगा। इसके बाद अप्रैल माह में केतु जब आपकी राशि के नौवें भाव में गोचर करेगा तब यह आपके भाग्य को कमजोर कर सकता है। आपको ज्यादा मेहनत करना होगी। घर के बड़े बुजुर्गों की सेहत का ध्यान रखना होगा। यात्रा के भी योग बनाएगा। हालांकि इस दौरान आप अपनी पैतृक संपत्ति से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
 
राहु आपके तीसरे भाव में गोचर करेगा। इस दौरान आपके आत्मविश्वास, सतर्कता और इच्छाशक्ति में वृद्धि होगी। व्यापार में विस्तार की योजना बनेगी। नौकरी में तबादला या बदलाव होने की संभावना है। भाई-बहनों और दोस्तों से संबंध बनाकर रखें। यात्रा के योग हैं। सेहत पर ध्यान दें।
 
12. मीन : केतु जब तक वृश्‍चिक में रहेगा तब तक यह परिवार में संबंधों को बिगाड़कर रखेगा। धार्मिक यात्रा के योग बनाएगा। आपका भाग्य आपका साथ नहीं देगा। आप कड़ी मेहनत करके ही सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद अप्रैल माह में जब केतु आकी राशि के आठवें भाव में गोचर करेगा तब ऐसी संभावना है कि यह परिवार का माहौल बिगाड़ देगा। पैर में चोट लग सकती है और त्वचार में संक्रमरण कर सकता है। धन कमाने के नए सोर्स का पता चलेगा। किसी भी प्रकार के निवेश के जोखिम से बचें।
 
राहु आपके दूसरे भाव में गोचर करेगा। इस दौरान आपको अचानक से कुछ ख़र्चों का सामना करना पड़ सकता है। आपकी वाणी में कटुता आ सकती है। परिवार में किसी से संबंध खराब हो सकते हैं। गले और दांतों में समस्या हो सकती है।
 
डिस्क्लेमर : यह जानकारी ज्योतिष मान्यता, गोचर की प्रचलित धारणा आदि पर आधारित है। इसकी पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। पाठक ज्योतिष के किसी जानकार से पूछकर ही कोई निर्णय लें।

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