Publish Date: Mon, 10 Jan 2022 (03:17 IST)
Updated Date: Mon, 10 Jan 2022 (17:39 IST)
Makar Sankranti 2022: मकर संक्रांति का पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है। इसी दिन से सूर्य उत्तरायण होने लगता है और दक्षिरायन का समय समाप्त हो जाता है। आओ जानते हैं कि इस बार मकर संक्रांति किस वाहन पर सवार होकर आ रही है।
मकर संक्रांति : इस वर्ष संक्रांति का वाहन बाघ, उपवाहन अश्व और हाथों में गदा रूपी शस्त्र है। गमन पूर्व दिशा में, वस्त्र पीला, गंधद्रव्य कुमकुम, वय: कुंवारी और पात्र चांदी का है।
क्या मिलेगा फल : मकर संक्रांति उन लोगों के लिए लाभकारी है जो लेखन में रुचि रखते हैं और जो पढ़ाई-लिखाई से वास्ता रखते हैं। किसानों और पशु पालकों को लिए यह लाभकारी है। व्यापार में नुकसान, मौसम में उतार चढ़ावा, राजनीति में मनमुटाव बढ़ेगा। संक्रमण वाले रोग बढ़ेंगे और तेल, सब्जी सहित अन्य खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे। यह मकर संक्रांति अनिष्टकारी नहीं है फिर भी समाज में भय और चिंता का माहौल बना रहेगा। हालांकि महंगाई पर नियंत्रण होने के आसार नज़र आ रहे हैं। यह संक्रांति मिश्रित अर्थात मिलेजुले फल देने वाली है।
कब होगी मकर संक्रांति : इस वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी को पौष शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को शुक्ल और ब्रह्म योग के शुभ संयोग में मनाई जाएगी। वहीं मतमतांतर होने के कारण 15 जनवरी को भी मकर संक्रांति का पर्व भी मानाया जाएगा। इस दिन रोहिणी नक्षत्र रहेगा। सूर्य के अस्त होने पहले जिस दिन सूर्य राशि बदलते है। उसी दिन उसका पर्व मनाया जाता है। इसी के चलते विश्वविजय, निर्णय सागर, चिंताहरण आदि पंचांगों में इस पर्व को 14 जनवरी बताया गया है। उदय तिथि के महत्व के अनुसार 15 जनवरी को लोग संक्रांति का स्नान-दान करेंगे।