Publish Date: Fri, 12 Jun 2026 (17:36 IST)
Updated Date: Fri, 12 Jun 2026 (17:41 IST)
जब सूर्य देव अपने मित्र बुध की राशि 'मिथुन' में प्रवेश करते हैं, तो प्रकृति और हमारे जीवन में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। साल 2026 की यह मिथुन संक्रांति आपके आत्मबल को बढ़ाने और सूर्य देव की असीम कृपा पाने का सबसे सुनहरा मौका है। आइए जानते हैं इस पावन दिन को बेहद खास और फलदायी बनाने का मॉर्डन और सनातनी तरीका।
सुबह की शुरुआत: ऐसे करें सूर्य देव का स्वागत
संक्रांति के दिन सुबह की शुरुआत सामान्य दिनों से थोड़ी अलग और पवित्र होनी चाहिए।
अमृत स्नान: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर अपने नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाएं। यह न केवल शरीर को बल्कि आपके आभामंडल (Aura) को भी शुद्ध करता है। इसके बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
तांबे के लोटे का जादू: एक तांबे के पात्र में शुद्ध जल लें। उसमें थोड़े से अक्षत (चावल), रोली, कुमकुम, लाल फूल और मिठास के लिए थोड़ा सा गुड़ मिलाएं।
अर्घ्य और मंत्र शक्ति: पूर्व दिशा की ओर मुंह करके खड़े हों और सूर्य देव को जल अर्पित करें। जब जल की धार गिर रही हो, तब पूरे ध्यान से “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का उच्चारण करें। इसके बाद वहीं बैठकर शांत मन से कम से कम 108 बार “ॐ आदित्याय नमः” मंत्र का जाप करें।
संक्रांति के दिन क्या करें, जो बदलेगा आपका भाग्य?
इस पावन तिथि पर कुछ विशेष कर्म करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं:
पवित्र नदियों में डुबकी: इस दिन गंगा, यमुना या गोदावरी जैसी पवित्र नदियों में स्नान करने का बहुत महत्व है। माना जाता है कि यह स्नान आपके संचित पापों को धोकर आत्मा को निर्मल कर देता है। अगर नदी पर जाना संभव न हो, तो घर पर ही ईश्वर का ध्यान कर स्नान करें।
संकल्प और व्रत: कई लोग इस दिन अपनी आध्यात्मिक उन्नति के लिए व्रत रखते हैं और भगवान सूर्य की पौराणिक कथाएं सुनते व पढ़ते हैं।
लाइफस्टाइल में बदलाव: इस पूरे दिन अपने भोजन को पूरी तरह सात्विक रखें। तामसिक चीजों, मांस और मदिरा से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें, ताकि शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।
सूर्य देव को प्रसन्न करने के अचूक और आसान उपाय
अगर आप अपने करियर में सफलता, तेज दिमाग और समाज में मान-सम्मान चाहते हैं, तो इन उपायों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं:
लाल रंग से बढ़ेगा आकर्षण: सूर्य देव को लाल रंग बेहद प्रिय है। पूजा के समय उन्हें लाल वस्त्र और लाल फूल चढ़ाएं। स्वयं भी लाल रंग के कपड़े पहनें और लाल चंदन का तिलक लगाएं। इससे आपका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होगा।
आदित्य हृदय स्तोत्र का चमत्कार: यदि आप जीवन में बार-बार असफल हो रहे हैं, तो इस दिन 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ जरूर करें। यह सूर्य देव को प्रसन्न करने का सबसे शक्तिशाली जरिया है, जो सीधे आपके आत्मबल और तरक्की को बढ़ाता है।
प्रकृति की सेवा: रविवार के दिन पीपल के वृक्ष को जल अर्पित करें और उसकी परिक्रमा करें। साथ ही घर में लगी तुलसी माता की सेवा करें, क्योंकि तुलसी की सेवा से भी सूर्य देव बेहद प्रसन्न होते हैं और उत्तम स्वास्थ्य का वरदान देते हैं।
रत्न का प्रभाव: अगर कुंडली में सूर्य कमजोर है, तो किसी अच्छे ज्योतिषी से सलाह लेकर सूर्य का रत्न 'माणिक्य' (रूबी) धारण करें। यह सूर्य की कॉस्मिक एनर्जी को आपके पक्ष में कर देता है।
दान का महात्म्य: बदलें दूसरों की दुनिया
संक्रांति का पर्व बिना दान के अधूरा है। अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को गुड़, गेहूं, तांबे के बर्तन, मौसमी फल, वस्त्र और छाते का दान करें। अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना के लिए इस दिन तिल और गुड़ का दान करना सबसे उत्तम माना गया है। यह दान आपके जीवन की आर्थिक तंगी को दूर कर समृद्धि के द्वार खोलता है।
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