Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

Pushya Nakshatra 2020 : 7 नवंबर को शनि-पुष्य नक्षत्र, जानें खास मंत्र एवं 3 उपाय

webdunia
shani pushya ke upay
 
इस वर्ष दीपावली के पूर्व पुष्य नक्षत्र शनिवार और रविवार के दरम्यान आ रहा है। यह पवित्र शनि पुष्य नक्षत्र शनिवार, 7 नवंबर 2020 को सुबह 8:04 मिनट से शुरू होकर अगले दिन रविवार, 8 नवंबर 2020 को सुबह 8:46 मिनट तक रहेगा। कुल मिलाकर इस नक्षत्र का योग 24 घंटे 40 मिनट का रहेगा। 
 
अत: आप अपनी कोई भी मनोकामना पूर्ण करना चाहते हैं या आपको अपनी पसंद का जीवनसाथी चाहिए तो पुष्य नक्षत्र है अत्यंत शुभ अवसर...

यहां प्रस्तुत है 3 विशेष मंत्र- 
 
दीपावाली पूर्व के शनि पुष्य नक्षत्र से इस प्रयोग को आरंभ करें। विष्णु और लक्ष्मी मां की मूर्ति या फोटो के आगे 'ॐ लक्ष्मी नारायणाय नमः' मंत्र की 3 माला का जाप स्फटिक की माला से करें। इसे पुष्य नक्षत्र से ही शुरू करें। 3 महीने तक हर रविवार, सोमवार, मंगलवार अथवा गुरुवार को मंदिर में प्रसाद चढ़ाएं और विवाह की सफलता के लिए प्रार्थना करें। 
 
उपाय व मंत्र-1. ॐ क्लीं कृष्णाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा:। 
 
उपाय व मंत्र-2. केशवी केशवाराध्या किशोरी केशवस्तुता, रूद्र रूपा रूद्र मूर्ति: रूद्राणी रूद्र देवता।  
 
उपाय-3. शनि पुष्य नक्षत्र पर एकाक्षी नारियल, नारियल का एक प्रकार है, लेकिन इसका प्रयोग अधिकांश रूप से तंत्र प्रयोगों में किया जाता है। इसके ऊपर आंख के समान एक चिह्न होता है। इसलिए इसे एकाक्षी (एक आंख वाला) नारियल कहा जाता है। इसे धन स्थान पर रखा जाता है। इसे साक्षात लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। पुष्य नक्षत्र के दिन यदि इसे विधि-विधान से घर में स्थापित कर लिया जाए तो उस व्यक्ति के घर में कभी पैसों की कमी नहीं रहती है।
 
एकाक्षी नारियल का पूजन कैसे करें- 
 
1. सबसे पहले स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। 
 
2. पुष्य नक्षत्र के दिन शुभ मुहूर्त में अपने सामने थाली में चंदन या कुमकुम से अष्टदल बनाकर उस पर इस नारियल को रख दें और अगरबत्ती व दीपक लगा दें।
 
3. शुद्ध जल से स्नान कराकर इस नारियल पर पुष्प, चावल, फल, प्रसाद आदि रखें। 
 
4. लाल रेशमी वस्त्र ओढ़ाएं। इसके बाद आधा मीटर लंबा रेशमी वस्त्र बिछाकर उस पर केसर से यह मंत्र लिखें-
 
'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं महालक्ष्मीं स्वरूपाय एकाक्षिनालिकेराय नम: सर्वसिद्धि कुरु कुरु स्वाहा।' 
 
5. इस रेशमी वस्त्र पर नारियल को रख दें और यह मंत्र पढ़ते हुए उस पर 108 गुलाब की पंखुडियां चढ़ाएं। हर पखुंड़ी चढ़ाते समय इस मंत्र का उच्चारण करते रहें- मंत्र- ॐ ऐं ह्रीं श्रीं एकाक्षिनालिकेराय नम:।
 
6. इसके बाद गुलाब की पंखुडियां हटाकर उस रेशमी वस्त्र में नारियल को लपेटकर थाली में चावलों की ढेरी पर रख दें और इस मंत्र की 1 माला जपें-
 
'ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं एकाक्षाय श्रीफलाय भगवते विश्वरूपाय सर्वयोगेश्वराय त्रैलोक्यनाथाय सर्वकार्य प्रदाय नम:।' 
 
7. अगले दिन से दीपावली तक रोज 21 गुलाब से पूजा करें और उस रेशमी वस्त्र में लिपटे हुए नारियल को पूजा स्थान पर रख दें। इस प्रकार एकाक्षी नारियल को घर में स्थापित करने से स्थिर और अपार धन प्राप्त होता है।

 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

7 नवंबर 2020 को शनि पुष्य नक्षत्र, सोना खरीदें या वाहन?